वृंदावन के छटीकरा मार्ग स्थित श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब संत प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट नंबर 212 में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही फ्लैट से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं, जिसे देखकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
अचानक लगी आग से इलाके में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय फ्लैट से तेज धुआं निकलता दिखा, जिसके बाद सोसाइटी में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। आग तेजी से फैलती देख स्थानीय लोग बिना देर किए मौके पर पहुंचे और अन्य निवासियों को सतर्क किया। स्थिति गंभीर होती उससे पहले ही सूचना प्रशासन तक पहुंचा दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
संत प्रेमानंद महाराज फ्लैट में मौजूद नहीं थे
सबसे बड़ी राहत यह रही कि संत प्रेमानंद महाराज पिछले लगभग एक महीने से श्री राधाहित कैलिकुंज में रह रहे हैं। इसी कारण किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई। यदि उस समय फ्लैट में कोई मौजूद होता, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।
आग से संपत्ति को हुआ नुकसान
हालांकि, आग की चपेट में आने से फ्लैट के अंदर मौजूद फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है। आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सेवादारों के व्यवहार को लेकर खड़ा हुआ विवाद
इस घटना के दौरान एक और विवाद सामने आया, जिसने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। आरोप है कि संत प्रेमानंद महाराज के सेवादारों ने वीडियो बना रहे स्थानीय लोगों और कवरेज कर रहे पत्रकारों को जबरन रोकने की कोशिश की। कुछ लोगों के मोबाइल फोन छीनने और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से अभद्रता करने के भी आरोप लगे हैं।
स्थानीय लोगों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
सेवादारों के इस व्यवहार से स्थानीय ब्रजवासी और प्रत्यक्षदर्शी लोग नाराज नजर आए। लोगों का कहना है कि संकट के समय जब आम नागरिक मदद के लिए पहुंचे थे, तब संयम और सहयोग दिखाया जाना चाहिए था। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में उचित जांच और कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
घटना के बाद प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद विवाद की स्थिति बनने से यह सवाल उठने लगे हैं कि मौके पर व्यवस्था को और बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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