खटीमा। खटीमा में सात दिवसीय उत्तरायणी कौतिक मेला का आगाज हो गया है। मेले में उत्तरायणी कौतिक के सदस्य पदाधिकारी और कलाकारों के साथ-साथ स्कूल के बच्चों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत खटीमा के मुख्य मार्ग से होकर झांकियों और छलिया नृत्य जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ की गई। मेला स्थल कृषि फार्म में आगाज हुआ जहां मुख्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर मेला का उद्घाटन किया। यह मेला कुमाऊनी संस्कृति को प्रस्तुत करने के साथ-साथ अन्य भाषाओं और धर्मों की सांस्कृतिक झलकियां भी लोगों के सामने लाता है।
संस्कृतियों और भाषाओं का सम्मान
कुमाऊं उत्तरायणी कौतिक उत्थान मंच के अध्यक्ष ठाकुर सिंह खाती ने बताया कि यह मेला खटीमा में लगभग 20 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को लोगों के सामने प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि मेले के माध्यम से सभी संस्कृतियों और भाषाओं का सम्मान करते हुए अनेकता में एकता का संदेश दिया जाता है। इस अवसर पर मेला प्रभारी एडवोकेट केडी भट्ट ने बताया कि मेला सात दिन तक चलेगा। उन्होंने कहा कि माघ माह में सूर्य का उत्तरायण होना इसका धार्मिक महत्व बढ़ाता है। उन्होंने यह भी बताया कि मेले का उद्देश्य उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को व्यापक जनसमूह तक पहुँचाना है। मेला में फोल्क डांस लोक संगीत पारंपरिक खेल और सांस्कृतिक झांकियों का आयोजन किया गया है। इस मेला के दौरान उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा जिससे स्थानीय जनता और पर्यटक दोनों ही आनंदित होंगे।
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