लोहाघाट में राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्षा जल निकासी की समस्या को देखते हुए एनएच विभाग द्वारा तीन स्थानों पर स्कवर (जल निकासी नाली) का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी क्रम में पाटन पुल के पास भी स्कवर निर्माण का कार्य शुरू किया गया था लेकिन अचानक निर्माण स्थल को मिट्टी से भरकर बंद कर दिए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
बरसात के दिनों में मुसीबत
पाटन पुल क्षेत्र के ग्रामीणों ने मोहन चंद्र पाटनी के नेतृत्व में एनएच विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से इस स्थान पर स्कवर बंद पड़ा हुआ है जिससे बरसात के दिनों में पुलिया और सड़क से बहता हुआ पानी तथा कचरा सीधे उनके घरों और दुकानों में घुस जाता है। इसके कारण क्षेत्रवासियों को कई बार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे संघर्ष और बार-बार की मांग के बाद विभाग ने यहां स्कवर निर्माण कार्य शुरू किया था। लेकिन अचानक निर्माण कार्य रोककर पहले से खोदे गए गड्ढे को मिट्टी से भर दिया गया जिससे लोगों में रोष और बढ़ गया है। उनका आरोप है कि विभाग की इस लापरवाही से समस्या का समाधान होने के बजाय और जटिल हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द स्कवर निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया तो पाटन पुल क्षेत्र के सभी ग्रामीण एनएच विभाग के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे इस मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष भी उठाएंगे और समस्या के स्थायी समाधान की मांग करेंगे।
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