देहरादून - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वागत किया। प्रधानमंत्री दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे। यह कॉरिडोर दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा के समय को 6 घंटे से घटाकर लगभग 2.5 घंटे कर देगा।
पहाड़-वन देवभूमि की धरोहर है
इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, मैं आज देश भर के सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से आग्रह करना चाहता हूं। हमारे पहाड़, वन क्षेत्र देवभूमि की धरोहर बहुत पवित्र स्थान है। ऐसे स्थानों को साफ-सुथरा रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने आगे कहा कि, यहां रहने वालों का भी और यहां यात्री के रूप में आने वालों का भी। इन इलाकों में प्लास्टिक की बोतलें, कूड़े कचरे का ढेर, ये देव भूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचाता है। ये आवश्यक है हम हमारे तीर्थ स्थलों को स्वच्छ और सुंदर रखें।
आज देश में पर्व त्योहार की उमंग है
पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे बोलते हुए कहा कि, आज देश में पर्व त्योहार की उमंग है। विभिन्न हिस्सों में नए वर्ष का आगमन हुआ है। मैं देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बिहूऔर पुथांडु की शुभकामनाएं देता हूं। अगले कुछ ही दिनों में यमुनोत्री गंगोत्री, बाबा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा भी शुरू होने जा रही है। इस पवित्र समय का देश के कोटि-कोटि आस्थावान श्रद्धाभाव से इंतजार करते हैं।
देहरादून शहर पर मां डाट काली की बहुत कृपा है
पीएम मोदी ने कहा कि, यहां आने से पहले मुझे मां डाट काली के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। देहरादून शहर पर मां डाट काली की बहुत कृपा है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में माता डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति रहा है। उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि, आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। मुझे खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियां और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से ये युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। ये प्रोजेक्ट भी राज्य के विकास को नई गति देगा।
दर्जनों जिलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, आज बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती भी है। मैं देशवासियों की ओर से बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो निर्णय लिए, वे संविधान की गरिमा को पुनः स्थापित करने वाले रहे। अनुच्छेद 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। दर्जनों जिलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना से काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, यह हमारे संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने इस भावना को आगे बढ़ाकर इस देश को राह दिखाई है।
शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्षरत रहे बाबा साहब अंबेडकर
उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि, बाबा साहब का जीवन गरीबों को, वंचितों को, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित रहा। हमारी सरकार आज उसी भावना के साथ हर गरीब, हर वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है, और सामाजिक न्याय का एक बहुत बड़ा माध्यम देश का संतुलित विकास है, सबको सुविधा और सबकी समृद्धि है। इसलिए बाबा साहब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिकरण की भरपूर वकालत करते थे।
कॉरिडोर प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के अलावा नए-नए व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं, गोदामों और फैक्ट्रियों के लिए आधार तैयार करते हैं। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है।