उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में चल रहे औद्योगिक विवाद के बीच मजदूरों की प्रमुख मांगें अब स्पष्ट हो गई हैं। वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश और बेहतर कार्य परिस्थितियों को लेकर श्रमिक आंदोलनरत हैं।
सरकार और मजदूरों के बीच बातचीत जारी
मामले के समाधान के लिए मजदूर प्रतिनिधियों और सरकार की हाई-लेवल कमेटी के बीच लगातार संवाद जारी है। ग्रेटर नोएडा में हुई बैठक में विभिन्न फैक्ट्रियों के कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं।
सीएम योगी के निर्देश पर गठित कमेटी
योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस विवाद को सुलझाने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है। इसमें इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर के साथ MSME, श्रम एवं रोजगार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और लेबर कमिश्नर शामिल हैं। मजदूर यूनियन और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों को भी इसमें जोड़ा गया है।
मजदूरों की प्रमुख मांगें
- प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि मौजूदा वेतन 10 से 15 हजार रुपये के बीच है, जो महंगाई के मुकाबले काफी कम है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—
- मासिक वेतन 18 से 20 हजार रुपये किया जाए
- सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश मिले
- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान सुनिश्चित हो
मजदूरों ने बताई अपनी परेशानी
सेक्टर-63 की एक फैक्ट्री के कर्मचारी ने बताया कि वर्षों से काम करने के बावजूद वेतन में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। वहीं अन्य मजदूरों का कहना है कि उनकी मांगें सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सम्मानजनक व्यवहार और बेहतर कार्य वातावरण भी जरूरी है।
सम्मान और अधिकार की लड़ाई
मजदूरों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ पैसों के लिए नहीं, बल्कि उनके अधिकारों और सम्मान से भी जुड़ा है। प्रशासन और सरकार से उन्हें जल्द सकारात्मक समाधान की उम्मीद है।