केंद्र सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में संयुक्त सचिव और समकक्ष पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी दी है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) के इस फैसले में देशभर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इससे केंद्र में एमपी कैडर की मजबूत उपस्थिति एक बार फिर सामने आई है।
एमपी कैडर के अफसरों को मिली अहम पोस्टिंग
इस फेरबदल में मध्यप्रदेश कैडर के कई आईएएस अधिकारियों को रणनीतिक मंत्रालयों में नियुक्त किया गया है। प्रियंका दास को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया गया है, जहां वे देश के एविएशन सेक्टर से जुड़े नीतिगत फैसलों में अहम भूमिका निभाएंगी। इसी तरह एस. तेजस्वी नाइक को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो रोजगार और श्रमिक कल्याण से जुड़े बड़े निर्णयों का केंद्र है। पारिकिपंडला नरहरी को भूमि संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। यह विभाग ग्रामीण विकास, भूमि सुधार और संसाधन प्रबंधन जैसे अहम विषयों से जुड़ा हुआ है। वहीं शण्मुग प्रिया मिश्रा और गणेश शंकर मिश्रा को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में संयुक्त निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है, जहां देश के भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
अन्य मंत्रालयों में भी बढ़ी भागीदारी
एमपी कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति केवल सीमित विभागों तक नहीं रही, बल्कि यह विभिन्न अहम मंत्रालयों तक फैली है। इससे यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार महत्वपूर्ण पदों पर अनुभवी और सक्षम अधिकारियों को प्राथमिकता दे रही है। इन नियुक्तियों में आर्थिक मामलों, श्रम, भूमि संसाधन और प्रशासनिक प्रशिक्षण जैसे विविध क्षेत्रों को कवर किया गया है, जो शासन के अलग-अलग आयामों को प्रभावित करते हैं।
क्या है इस फेरबदल का महत्व
केंद्र सरकार द्वारा संयुक्त सचिव स्तर पर की गई ये नियुक्तियां प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। यह स्तर नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन के बीच का प्रमुख कड़ी होता है। एमपी कैडर के अधिकारियों को इन पदों पर जिम्मेदारी मिलना इस बात का संकेत है कि राज्य के अधिकारियों की कार्यशैली और अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्व दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव
इस फैसले के तहत कुल 48 अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें आईएएस, आईपीएस और अन्य सेवाओं के अधिकारी शामिल हैं। यह व्यापक फेरबदल सरकार की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने और विभिन्न मंत्रालयों में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारियों को मिली ये जिम्मेदारियां न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह राज्य के लिए भी गर्व का विषय है। आने वाले समय में इन अधिकारियों की भूमिका केंद्र सरकार की नीतियों और उनके क्रियान्वयन में निर्णायक साबित हो सकती है।