भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। अब तक जहां तीन सीटों पर चुनाव तय माना जा रहा था, वहीं बदलते राजनीतिक समीकरणों के चलते चौथी सीट की संभावना भी बनती दिख रही है। इस पूरे सस्पेंस का जवाब 4 मई को मिलेगा, जब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होंगे।
एमपी में राज्यसभा की 4 सीटें हो सकती हैं खाली
राज्यसभा की जिन तीन सीटों पर चुनाव होना तय है, उनमें दिग्विजय सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इन तीनों सीटों पर चुनाव निश्चित है, लेकिन चौथी सीट को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है और यही राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
एल. मुरुगन की सीट से जुड़ा पूरा गणित
चौथी सीट का सस्पेंस एल. मुरुगन से जुड़ा हुआ है, जो वर्तमान में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। यदि वे विधानसभा चुनाव जीतते हैं, तो उन्हें अपनी राज्यसभा सीट छोड़नी पड़ेगी, जिससे एक अतिरिक्त सीट खाली हो जाएगी और चुनाव की संख्या बढ़ सकती है।
तमिलनाडु चुनाव तय करेगा तस्वीर
एल. मुरुगन इस बार तमिलनाडु की अविनाशी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। और उनकी स्थिति चुनाव जीतने की लग लगी रही है,हालांकि राज्य में 23 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना होगी। यही नतीजे तय करेंगे कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा की सीटें तीन रहेंगी या चार हो जाएंगी।
मुरुगन का राजनीतिक सफर
एल. मुरुगन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वे 2021 में राज्यसभा पहुंचे थे और वर्तमान में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। इससे पहले वे पशुपालन और डेयरी विभाग में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं।
भाजपा के लिए अवसर या चुनौती
अगर एल. मुरुगन चुनाव जीतते हैं और सीट खाली होती है, तो यह भारतीय जनता पार्टी के लिए एक अतिरिक्त अवसर बन सकता है। चौथी सीट का कार्यकाल 2030 तक रहेगा, जिससे पार्टी को राज्यसभा में अपनी स्थिति और मजबूत करने का मौका मिलेगा।
राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ेगा असर
मध्य प्रदेश में राज्यसभा सीटों की संख्या में संभावित बदलाव का असर केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगा। इससे राज्यसभा में दलों के बीच संतुलन भी प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि 4 मई की तारीख को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।