देहरादून- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देहरादून में इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने बाबा भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पीएम मोदी को ब्रह्मकमल भेंट किया, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शॉल और नंदा देवी राजजात यात्रा से जुड़ा स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
210 किमी से ज्यादा लंबा आधुनिक कॉरिडोर
दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर यह एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए देहरादून के आशारोड़ी तक पहुंचता है। इसमें 100 से अधिक अंडरपास, फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल शामिल हैं, जिससे यात्रा बेहद तेज और सुरक्षित होगी।
12 किमी वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बना सबसे बड़ा आकर्षण
मोहंड क्षेत्र में बना 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर इस प्रोजेक्ट की सबसे खास पहचान है। इसे एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बताया जा रहा है, जहां वाहनों की रफ्तार भी बनी रहेगी और वन्यजीवों की आवाजाही भी सुरक्षित रहेगी।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के पर्यटन और रोजगार को नई दिशा देगा। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक सौगात बताया। पीएम मोदी के इस दौरे में कई जल विद्युत परियोजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं का भी लोकार्पण किया गया, जिससे पहाड़ी राज्यों के विकास को और गति मिलने की उम्मीद है।
जल विद्युत परियोजनाओं से भी बढ़ेगा ऊर्जा उत्पादन
पीएम मोदी ने इस दौरे के दौरान कई जल विद्युत और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया, जिससे राज्य की ऊर्जा क्षमता और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
तीन राज्यों की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा
इस एक्सप्रेसवे से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच व्यापार, पर्यटन और यात्रा समय में बड़ा सुधार होगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।