मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में सुबह 10:30 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें करीब एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने की संभावना है।
शिक्षा मित्रों के मानदेय में 18 हजार रुपये तक बढ़ोतरी पर लगेगी मुहर
सबसे अहम प्रस्ताव बेसिक शिक्षा विभाग का है, जिसमें प्रदेश के शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मित्रों को वर्तमान में 10,000 रुपये मिलते हैं, जिन्हें बढ़ाकर 18,000 रुपये करने की स्वीकृति दी जा सकती है। वर्ष 2017 के बाद यह पहली बार होगा कि इनके मानदेय में वृद्धि होगी। प्रदेश में लगभग 1.43 लाख शिक्षा मित्र हैं, और उन्हें 1 अप्रैल से बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय की घोषणा विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान की थी।
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत छात्रों को टैबलेट देने का प्रस्ताव
दूसरा महत्वपूर्ण प्रस्ताव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग का है। इसके तहत स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत निश्शुल्क टैबलेट वितरण के लिए अंतिम बिड अभिलेख पर कैबिनेट की स्वीकृति ली जाएगी। योजना के तहत युवाओं को 25 लाख टैबलेट वितरित किए जाने हैं। इस योजना के माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और कौशल विकास कार्यक्रमों के छात्रों को टैबलेट दिए जाते हैं। पिछले वर्ष सरकार ने 12,000 रुपये मूल्य के टैबलेट खरीदे थे।
बलरामपुर की तहसील तुलसीपुर में बस स्टेशनों के निर्माण के लिए मुफ्त जमीन देने का प्रावधान भी शामिल
परिवहन विभाग द्वारा सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) पद्धति के तहत उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस स्टेशनों को द्वितीय चरण में विकसित करने के लिए बिड दस्तावेज़ भी कैबिनेट के समक्ष रखे जाएंगे। प्रस्ताव में हाथरस में बस स्टेशन, बुलंदशहर के नरौरा में बस स्टेशन, डिपो और बलरामपुर की तहसील तुलसीपुर में बस स्टेशनों के निर्माण के लिए मुफ्त जमीन देने का प्रावधान भी शामिल है।
इसके अलावा पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में विभाजन के समय विस्थापित या नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत पात्र व्यक्तियों, अनुसूचित जनजाति समुदायों या उपनिवेशन/कालोनाइजेशन योजना के तहत बसे परिवारों को भूमिधर का अधिकार देने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में पेश हो सकता है।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, राजस्व एवं आपदा विभाग, लोक निर्माण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अन्य प्रस्तावों पर भी विचार किए जाने की संभावना है।