पश्चिम बंगाल विधानसभा से जुड़े कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को फिलहाल राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में जारी अंतरिम संरक्षण (Interim Protection) की अवधि को अगले एक महीने के लिए बढ़ा दिया है।
एक महीने तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं
न्यायमूर्ति कौशिक चंद ने आदेश दिया कि अंतरिम संरक्षण की अवधि के दौरान अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत के इस आदेश से उन्हें फिलहाल कानूनी राहत मिली है।
जांच में सहयोग करना होगा अनिवार्य
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत का अर्थ जांच से छूट नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि अभिषेक बनर्जी को जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करना होगा और आवश्यकता पड़ने पर जांच प्रक्रिया में शामिल होना होगा।
23 जुलाई को हो सकती है अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होने की संभावना है। उस दिन अदालत मामले की प्रगति और जांच से जुड़े अन्य पहलुओं पर आगे विचार कर सकती है।
मामले पर बनी रहेगी राजनीतिक नजर
यह मामला पहले से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब सभी की नजर अगली सुनवाई और जांच की दिशा पर टिकी हुई है।