कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के दो खेमों के बीच चुनाव चिन्ह (प्रतीक) को लेकर जारी विवाद के बीच मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तंज कसा है। उन्होंने कहा कि प्रतीक किसे मिलेगा, यह पूरी तरह तृणमूल का आंतरिक मामला है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर राज्य की जनता और बीजेपी दोनों भ्रम की स्थिति में हैं।
प्रतीक विवाद पर क्या बोलीं अग्निमित्रा?
अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "प्रतीक किसे मिलेगा, यह उनका मामला है। लेकिन हम कन्फ्यूज हैं, राज्य की जनता कन्फ्यूज है। हम हमेशा मानते आए हैं कि एक मजबूत विपक्ष होना चाहिए, जैसा हमने विपक्ष में रहते हुए दिखाया था।"
विपक्ष की भूमिका पर उठाए सवाल
बीजेपी विधायक ने कहा कि मौजूदा समय में यह समझना मुश्किल हो गया है कि वास्तविक विपक्ष कौन है। उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही का जिक्र करते हुए कहा कि एक पक्ष सदन के अंदर बैठा रहता है, जबकि दूसरा पक्ष बाहर निकल जाता है। ऐसे में विपक्ष की भूमिका को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
'कौन सा विपक्ष है, समझ नहीं आ रहा'
अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "विधानसभा के दौरान एक पक्ष अंदर बैठा रहता है, तो दूसरा पक्ष बाहर निकल जाता है। आखिर एक पक्ष अंदर क्यों रहता है और दूसरा बाहर क्यों चला जाता है, इसे लेकर हम पूरी तरह कन्फ्यूज हैं।"
राजनीतिक बयानबाजी तेज
अग्निमित्रा पॉल के इस बयान को पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और विपक्ष की कार्यशैली पर बीजेपी के हमले के तौर पर देखा जा रहा है। तृणमूल के भीतर प्रतीक विवाद और विपक्ष की भूमिका को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।