कोलकाता: श्रावण उत्सव के दौरान कोलकाता के अहिरिटोला घाट पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। हुगली नदी में स्नान करने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आए केष्टोपुर के दो किशोरों को घाट पर तैनात आपदा प्रबंधन समूह (DMG) की टीम ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के वक्त घाट पर श्रद्धालुओं और स्नान करने वालों की भीड़ थी। प्रशासन की ओर से पहले से तैनात DMG और रिवर ट्रैफिक पुलिस की टीम की सतर्कता से दोनों किशोरों की जान बच सकी।
तेज बहाव में डूबने लगे दोनों किशोर
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 8:30 बजे उत्तर 24 परगना के केष्टोपुर से आए दो किशोर अहिरिटोला घाट पर हुगली नदी में स्नान करने के लिए उतरे थे। नदी में पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण अचानक दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे डूबने लगे। घाट पर मौजूद DMG जवानों की नजर जैसे ही दोनों किशोरों पर पड़ी, उन्होंने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
DMG जवानों ने नदी में लगाई छलांग
डूबते किशोरों को बचाने के लिए ASI सत्यजीत बनर्जी, DMG कांस्टेबल मिथुन मंडल और सिविक वालंटियर राजेश मोंडल तुरंत नदी में उतर गए। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों किशोरों को नदी से बाहर निकाला और सुरक्षित घाट तक पहुंचाया। समय पर शुरू किए गए इस बचाव अभियान के कारण एक संभावित बड़े हादसे को टाला जा सका।
दोनों किशोरों को नॉर्थ पोर्ट थाने को सौंपा
रेस्क्यू के बाद DMG टीम ने दोनों किशोरों की प्राथमिक जांच की और उनकी स्थिति सुरक्षित पाई। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और परिजनों को सूचना देने के लिए दोनों को नॉर्थ पोर्ट पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया। श्रावण उत्सव को देखते हुए शहर के विभिन्न घाटों पर प्रशासन और पुलिस की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अहिरिटोला घाट की इस घटना ने एक बार फिर नदी में स्नान के दौरान सतर्कता और प्रशासनिक निगरानी की अहमियत को सामने ला दिया है। DMG जवानों की तत्परता और साहस की स्थानीय लोगों तथा प्रशासन की ओर से सराहना की गई है।