आसनसोल: पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में सशस्त्र महिला पुलिसकर्मियों की विशेष 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सोमवार (24 अगस्त 2026) को आसनसोल पुलिस लाइन स्थित शरत मंच पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राज्य की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इस दस्ते का औपचारिक शुभारंभ किया। यह दस्ता 24 घंटे बाइक और स्कूटी से शहर की गलियों और मुख्य सड़कों पर गश्त लगाकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
10 बाइक और स्कूटी से 24 घंटे सघन गश्त
शुरुआती चरण में 10 बाइक और स्कूटी के साथ इस सशस्त्र महिला दस्ते को जिले में तैनात किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़कों पर महिलाओं के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या असामाजिक गतिविधियों को रोकना है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में महिलाएं 100 या 112 नंबर डायल करके तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती हैं। कार्यक्रम में आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रणब कुमार और जिलाधिकारी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
'दुर्गा आगमन से पहले सड़कों पर उतरीं दुर्गा'
उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति लागू है। उन्होंने कहा, "मां दुर्गा के आगमन से पहले ही हमारी दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड सड़कों पर उतर चुकी है। थानों में महिला सहायता डेस्क और हेल्पलाइन नंबर पहले से काम कर रहे हैं।" उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री महालया के अवसर पर महिला सुरक्षा से जुड़ी कई अन्य योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा भी करने वाले हैं।
500 थानों में साइबर हेल्पडेस्क और 24x7 महिला हेल्पडेस्क की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान राज्य में पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य भर के 500 पुलिस स्टेशनों में 'साइबर हेल्पडेस्क' और सभी थानों में 24 घंटे संचालित होने वाले 'महिला हेल्पडेस्क' की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में लोग साइबर अपराध और बैंक धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं, जिससे निपटने में यह नया साइबर हेल्पडेस्क काफी मददगार साबित होगा।