पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है, जबकि वाम मोर्चा और कांग्रेस भी पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं।
इसी बीच भाजपा ने उत्तर बंगाल में अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी को उम्मीद है कि उसके घोषणापत्र और बड़े नेताओं के दौरे का असर इस क्षेत्र में देखने को मिलेगा।
5 अप्रैल को कूच बिहार में पीएम मोदी की रैली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अप्रैल को कूच बिहार में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। यह रैली 2026 विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद बंगाल में उनकी पहली जनसभा होगी।
भाजपा इस रैली को उत्तर बंगाल में चुनावी माहौल बदलने वाला मान रही है। पार्टी का मानना है कि इस सभा के बाद कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी और वोटरों पर भी असर पड़ेगा।
अमित शाह की चार्जशीट से बढ़ा सियासी तापमान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में तृणमूल सरकार के खिलाफ 14 सूत्रीय चार्जशीट जारी की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह चार्जशीट सरकार की “विफलताओं” को उजागर करती है, जबकि आगामी घोषणापत्र समाधान पेश करेगा।
पहले योजना थी कि शाह ही घोषणापत्र जारी करेंगे, लेकिन बदलाव के चलते अब इसे कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन जल्द ही इसे जारी कर सकते हैं।
कूच बिहार क्यों है अहम?
कूच बिहार भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है। 2021 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने यहां 9 में से 8 सीटें जीती थीं।
हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने यहां वापसी करते हुए सीट छीन ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक को करीब 40 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
इस हार के बाद भाजपा ने इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए फिर से सक्रियता बढ़ा दी है।
उत्तर बंगाल में सामाजिक समीकरण पर फोकस
भाजपा ने उत्तर बंगाल में राजबंशी, कोच, मेच और राभा जैसे समुदायों के बीच लगातार संपर्क अभियान चलाया है। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं और शैक्षणिक संस्थानों के विस्तार के जरिए संगठन को मजबूत किया गया है।
पिछले साल पीएम मोदी ने कूच बिहार और अलीपुरद्वार के लिए 1,010 करोड़ रुपये की सिटी गैस वितरण परियोजना की आधारशिला भी रखी थी, जिसे भाजपा विकास के बड़े मुद्दे के रूप में पेश कर रही है।
नामांकन और प्रचार अभियान तेज
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम से नामांकन दाखिल कर रहे हैं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहेंगे।
भाजपा 9 अप्रैल के बाद राज्यभर में अपने प्रचार अभियान को और तेज करने की तैयारी में है।
तृणमूल का भरोसा बरकरार
वहीं, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को भरोसा है कि लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी जनता उसका साथ देगी। पार्टी उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार अभियान चला रही है।