पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल में दूसरे चरण के मतदान के दौरान एक बार फिर केंद्रीय बलों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। अलग-अलग इलाकों से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के साथ कथित मारपीट की शिकायतें मिली हैं। इतना ही नहीं, कई जगहों पर घरों में घुसकर कार्रवाई करने और मतदाताओं के साथ सख्ती बरतने के आरोप भी लगे हैं। खास बात यह है कि सत्तारूढ़ और विपक्ष—दोनों ही पक्षों ने केंद्रीय बलों पर सवाल उठाए हैं।
कैंप ऑफिस तोड़फोड़ को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
हुगली के चुंचुड़ा क्षेत्र में कई वार्डों में विभिन्न राजनीतिक दलों के चुनावी कैंप को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया गया है कि कैंपों में रखे सामान को तोड़ा गया और पार्टी से जुड़े पोस्टर व मतदाता सूची को हटाया गया। तीनों प्रमुख दलों ने इस पर नाराजगी जताते हुए निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
तृणमूल कार्यकर्ताओं का दावा
स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित दूरी पर ही कैंप लगाए थे, इसके बावजूद बिना पूर्व सूचना कार्रवाई की गई। उनका आरोप है कि इस तरह की घटना पहले कभी नहीं देखी गई और इससे आम मतदाताओं को असुविधा हुई है।
उम्मीदवार ने उठाए दूरी को लेकर सवाल
चुंचुड़ा के उम्मीदवार देवांशु भट्टाचार्य ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहले 100 मीटर और फिर 200 मीटर दूरी की बात कही गई, लेकिन स्पष्ट सीमांकन नहीं किया गया। उनका दावा है कि उन्होंने नियमों से अधिक दूरी पर कैंप लगाया था, फिर भी उसे हटा दिया गया।
घर-घर जाकर कार्रवाई का आरोप
अरांडी क्षेत्र के सातमासा इलाके में कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने घरों में जाकर लोगों के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जवाब की मांग करते हुए सुरक्षाबलों का घेराव भी किया।
मतदान केंद्र पर लाठीचार्ज का आरोप
तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर भी विवाद की स्थिति बनी। आरोप है कि मतदान के लिए लाइन में खड़े लोगों पर अचानक बल प्रयोग किया गया। स्थानीय उम्मीदवार का कहना है कि पर्याप्त जगह होने के बावजूद मतदाताओं को बाहर खड़ा रखा गया और विरोध करने पर सख्ती की गई।
महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप
कुछ शिकायतों में यह भी कहा गया कि महिलाओं के साथ भी कठोर व्यवहार किया गया, जिसमें एक गंभीर रूप से बीमार महिला के साथ मारपीट की बात सामने आई है। इस मामले को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
बीजेपी की सफाई
दूसरी ओर बीजेपी की ओर से कहा गया है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। उनका कहना है कि भीड़ को हटाने के दौरान इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
लावली मैत्रा का केंद्रीय बलों पर आरोप
सोनारपुर दक्षिण सीट से तृणमूल उम्मीदवार लावली मैत्रा भी मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के साथ बहस में उलझ गईं। मतदान के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि कई मतदाताओं के नाम सूची में नहीं थे, जिससे वे वोट नहीं डाल सके। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय बल निष्पक्ष भूमिका नहीं निभा रहे हैं।
चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
लगातार सामने आ रही इन शिकायतों के बीच विभिन्न दलों ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। दूसरे चरण के मतदान के दौरान उठे ये विवाद अब राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहे हैं।