कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मानसून के बीच मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निकायों की ओर से साफ-सफाई और वेक्टर नियंत्रण गतिविधियां तेज की जा रही हैं। इसी क्रम में सॉल्टलेक से सटे दत्ताबाद इलाके में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 38 में आयोजित इस अभियान के दौरान जलजमाव वाले संभावित स्थानों और नालियों में ब्लीचिंग पाउडर तथा लार्विसाइड का छिड़काव किया गया।अभियान के दौरान ई-रिक्शा और लाउडस्पीकर के जरिए स्थानीय लोगों को मच्छरों के प्रजनन को रोकने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
दत्ताबाद में नालियों और जलजमाव वाले स्थानों पर छिड़काव
दत्ताबाद सॉल्टलेक सेक्टर-1 और ईएम बाईपास के आसपास स्थित घनी आबादी वाला इलाका है। संकरी गलियों और बारिश के दौरान पानी जमा होने वाले स्थानों के कारण यहां मच्छरों के प्रजनन की आशंका बढ़ जाती है। स्वच्छता अभियान के तहत वार्ड 38 के विभिन्न हिस्सों में सफाई अभियान चलाया गया। नालियों, कूड़ेदान और जलजमाव वाले संभावित स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर डाला गया। मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करने के लिए लार्विसाइड तेल का भी इस्तेमाल किया गया। अभियान का उद्देश्य बारिश के बाद जमा होने वाले पानी में मच्छरों के प्रजनन को रोकना और डेंगू समेत अन्य वेक्टर जनित बीमारियों के खतरे को कम करना है।
माइकिंग के जरिए लोगों को दी गई सलाह
सिर्फ सफाई और दवा के छिड़काव तक अभियान को सीमित नहीं रखा गया। इलाके में ई-रिक्शा के जरिए माइकिंग कर स्थानीय लोगों को भी सावधानी बरतने की अपील की गई। लोगों से कहा गया कि घरों की छत, गमले, पुराने टायर, टूटे बर्तन और अन्य सामान में पानी जमा न होने दें। खास तौर पर नियमित रूप से घर और आसपास के इलाकों की जांच करने तथा पानी जमा होने पर उसे तुरंत हटाने की सलाह दी गई। स्थानीय स्तर पर ‘ड्राई डे’ जैसी गतिविधियों के जरिए घरों और आसपास मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों को खत्म करने पर भी जोर दिया गया।
बारिश के मौसम में बढ़ता है मच्छरों के प्रजनन का खतरा
मानसून के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में नगर निकायों की ओर से नालियों की सफाई, जलजमाव वाले स्थानों की पहचान और लार्वा नियंत्रण जैसी गतिविधियां महत्वपूर्ण हो जाती हैं। दत्ताबाद में चलाए गए अभियान के दौरान भी इसी तरह के संभावित हॉटस्पॉट पर विशेष ध्यान दिया गया। स्थानीय प्रशासन और सफाईकर्मियों की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें।
डेंगू से बचाव में लोगों की भागीदारी पर जोर
डेंगू की रोकथाम के लिए प्रशासनिक अभियान के साथ-साथ नागरिकों की भागीदारी को भी अहम बताया गया। लोगों से अपील की गई कि बुखार या डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और चिकित्सकीय सलाह लें। रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और मच्छरों से बचाव के अन्य उपाय अपनाने की सलाह भी दी गई। अभियान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि घर के अंदर और बाहर छोटे-छोटे स्तर पर पानी जमा होने से रोकना मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
वार्ड स्तर पर अभियान जारी रखने की जरूरत
दत्ताबाद में चलाया गया अभियान बारिश के मौसम में वेक्टर नियंत्रण को लेकर स्थानीय स्तर पर की जा रही गतिविधियों का हिस्सा है। लगातार सफाई, जलजमाव की निगरानी और लोगों में जागरूकता बढ़ाकर डेंगू समेत मच्छर जनित बीमारियों के जोखिम को कम करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी इलाके में नियमित सफाई और छिड़काव अभियान जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया है।