बंगाल चुनाव के नामांकन के दौरान गंगरमपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की रैली में अचानक 'बुलडोजर' नजर आए। गुरुवार को जब बीजेपी उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने पहुंचे, तो उनके काफिले में दो बुलडोजर देखकर हर कोई दंग रह गया। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार की अगुवाई में निकली इस रैली ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है।
यूपी मॉडल की आहट? गरमाई राजनीति
बुनियादपुर शहर में हरिरामपुर और कुष्मंडी के बीजेपी उम्मीदवारों—देबब्रत मजूमदार और तापस चंद्र रॉय के समर्थन में बीजेपी ने शक्ति प्रदर्शन किया। सरायहाट से बीडीओ ऑफिस मोड़ तक निकली इस रैली में कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर पर चढ़कर जमकर नारेबाजी की।
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बीजेपी का तर्क: सुकांत मजूमदार ने चुटकी लेते हुए कहा, "हरिरामपुर में तृणमूल के 'दुष्ट' उम्मीदवार हैं, इसलिए वहां बुलडोजर की जरूरत है।"
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TMC का पलटवार: तृणमूल उम्मीदवार बिप्लब मित्र ने इसे डराने की राजनीति बताया। उन्होंने कहा, "बीजेपी बंगाल में उत्तर प्रदेश का बुलडोजर मॉडल लाना चाहती है। वे सत्ता में आए तो जनता पर दमन करेंगे, लेकिन लोग इसका जवाब वोट की चोट से देंगे।"
आमने-सामने आए कार्यकर्ता: 'जय बांग्ला' बनाम 'जय श्री राम'
नामांकन के दौरान बुनियादपुर में उस समय तनाव चरम पर पहुंच गया जब बीजेपी और टीएमसी के जुलूस एक-दूसरे के करीब आ गए।
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बीजेपी की रैली नेशनल हाईवे 512 से गुजर रही थी।
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इसी दौरान टीएमसी समर्थकों ने सुकांत मजूमदार को देखकर 'जय बांग्ला' के नारे लगाए।
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जवाब में बीजेपी खेमे से 'जय श्री राम' की गूंज सुनाई दी।मौके पर तैनात पुलिस और केंद्रीय बलों ने सूझबूझ से काम लेते हुए दोनों गुटों को अलग किया और संभावित झड़प को टाला।