कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सबकी नजरें शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं। भाजपा इस आयोजन को बंगाल की संस्कृति और परंपराओं के उत्सव के रूप में मना रही है, जो विपक्ष के 'बाहरी' होने के आरोपों का जवाब होगा।
आयोजन की भव्यता और तैयारी:
बैठने की व्यवस्था: मैदान में 50,000 लोगों के लिए विशाल वाटरप्रूफ हैंगर टेंट लगाए गए हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि खुले मैदान में करीब 1 लाख लोग जुटेंगे।
थीम आधारित प्रवेश द्वार: मैदान में प्रवेश के लिए 20 अलग-अलग गेट बनाए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक को बंगाल के एक जिले की थीम पर सजाया गया है।
सांस्कृतिक संगम: समारोह में छऊ, गमीरा और बाउल कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। टेराकोटा कलाकृति, दक्षिणेश्वर मंदिर और सुंदरबन की थीम पर सजावट की गई है। साथ ही रवींद्रनाथ टैगोर और बंकिमचंद्र जैसे महापुरुषों की तस्वीरें मुख्य मंच की शोभा बढ़ाएंगी।
मुख्य मंच की संरचना:
मुख्य मंच को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है:
1. प्रथम खंड: यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री बैठेंगे।
2. द्वितीय खंड (मुख्य पोडियम): यहाँ नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्री शपथ लेंगे और आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगे।
3. तृतीय खंड: यहाँ मुख्यमंत्री के साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य बैठेंगे।
अतिथियों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल:
समारोह के लिए 1,000 VVIP मेहमानों (न्यायाधीशों, उद्योगपतियों, साहित्यकारों) को आमंत्रित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 4,000 पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। पूरे मैदान को 30 सेक्टरों में बांटा गया है, जिसकी कमान DCP और ACP स्तर के अधिकारी संभालेंगे।
रवींद्र जयंती पर विशेष आयोजन:
चूंकि शनिवार को रवींद्र जयंती (25 बैसाख) है, इसलिए पूरे समारोह के दौरान पृष्ठभूमि में रवींद्र संगीत बजता रहेगा। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, नए मुख्यमंत्री प्रतीकात्मक रूप से राइटर्स बिल्डिंग (महाकरण) जाएंगे और वहां की दूसरी मंजिल से अपना कार्यभार संभालेंगे।