दार्जिलिंग: दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों तथा पर्यटकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को दूधिया में बालासन नदी पर बने नए बैली ब्रिज का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया। पुल के शुरू होने से मिरिक से सिलीगुड़ी तक का संपर्क एक बार फिर सुगम हो गया है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटन उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सिर्फ 20 दिनों में तैयार हुआ बैली ब्रिज
लोकार्पण कार्यक्रम में दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पुल बहने के बाद मात्र 20 दिनों के भीतर नए बैली ब्रिज का निर्माण और उद्घाटन इस बात का प्रमाण है कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार जनता की समस्याओं का तेजी से समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे प्रशासन की तत्परता और प्रभावी कार्यशैली का उदाहरण बताया।
पर्यटन कारोबार को मिलेगा नया जीवन
यह बैली ब्रिज दार्जिलिंग, मिरिक और आसपास के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुल चालू होने से अब मानसून के दौरान भी आवागमन बाधित नहीं होगा। इसका सीधा लाभ होटल, होम-स्टे, टैक्सी संचालकों, दुकानदारों और स्थानीय पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को मिलेगा। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
'यह सिर्फ पुल नहीं, विकास और विश्वास का प्रतीक'
सांसद राजू बिष्ट ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक पुल नहीं, बल्कि पहाड़ के विकास और लोगों के विश्वास की नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में अब पहाड़, तराई और डुआर्स क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे इन इलाकों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
सेना, प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के समन्वय से बना रिकॉर्ड
राजू बिष्ट ने बताया कि रिकॉर्ड समय में पुल का निर्माण भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सका। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे नागरिक-सेना समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
दार्जिलिंग को विश्वस्तरीय हिल डेस्टिनेशन बनाने पर जोर
सांसद ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के मार्गदर्शन में दार्जिलिंग को सुरक्षित, समृद्ध और आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मिरिक झील, चाय बागानों और पहाड़ों की खूबसूरत वादियों तक पर्यटकों की पहुंच अब पहले से अधिक आसान हो गई है, जिससे क्षेत्र का पर्यटन और स्थानीय रोजगार दोनों मजबूत होंगे।