खड़गपुर (पश्चिम मेदिनीपुर): पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा से ठीक पहले राज्य सरकार के कुछ विज्ञापनों और होर्डिंग्स में मां दुर्गा की प्रतिमा के 11 हाथ दिखाए जाने को लेकर राजनीतिक व सामाजिक विवाद छिड़ गया है। इस पूरे मुद्दे पर गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री दिलीप घोष ने अपनी प्रतिक्रिया दी। अपने चिरपरिचित अंदाज में चुटकी लेते हुए दिलीप घोष ने कहा कि जिस गति और पैमाने पर वर्तमान सरकार काम कर रही है, उसके लिए 10 हाथ कम पड़ रहे थे, शायद इसलिए 11वां हाथ बढ़ा दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने इसे किसी कलाकार की तकनीकी भूल बताते हुए भविष्य में सावधानी बरतने की नसीहत भी दी।
पोस्टर विवाद पर बोले दिलीप घोष: "कलाकार की भूल संभव, आगे से बरतें सावधानी"
सरकारी पोस्टरों में मां दुर्गा के 10 की जगह 11 हाथ दिखने को लेकर सोशल मीडिया और विपक्षी खेमों में हो रही चर्चाओं पर मंत्री दिलीप घोष ने स्थिति स्पष्ट की। "जिस तरह से सरकार काम कर रही है, 10 हाथों में काम संभल नहीं रहा। 11 हाथों की जरूरत पड़ गई है, इसलिए शायद हाथ बढ़ा दिया गया। हालांकि, यह किसी कलाकार की अनजाने में हुई गलती हो सकती है। धार्मिक प्रतीकों और आस्था से जुड़े मामलों में ऐसे विज्ञापनों को लेकर पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए।"
दिलीप घोष, मंत्री
"बंगाल में पहली बार हो रही असली दुर्गा पूजा, 58 हजार कमेटियों को मिला अनुदान"
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहली दुर्गा पूजा है। दिलीप घोष ने पूर्ववर्ती शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केवल लोगों का मन बहलाने के लिए दिखावटी औपचारिकताएं होती थीं, लेकिन इस बार बंगाल में उत्सव का वास्तविक माहौल बना है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष महालया के दिन से ही बोधन और उत्सव का माहौल पूरे राज्य में छा गया है। उन्होंने कहा, *"पहले राज्य में 45,000 पूजा कमेटियों को अनुदान मिलता था, लेकिन इस बार सरकार ने अतिरिक्त 12 से 13 हजार कमेटियों को जोड़ते हुए कुल 58,000 दुर्गा पूजा आयोजकों को वित्तीय सहायता प्रदान की है।"* उन्होंने कहा कि कोलकाता के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पूजा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।
सड़कों पर रंग और फिसलन विवाद पर सरकार सख्त
कोलकाता के चिंगड़ीघाटा फ्लाईओवर समेत विभिन्न सड़कों पर किए गए रंग-रोगन के कारण दोपहिया वाहनों के फिसलने के मुद्दे पर दिलीप घोष ने कहा कि सरकार की नजर इस पर पूरी तरह बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पूजा के उपलक्ष्य में कुछ स्थानों पर सड़कों को अल्पना और रंगों से सजाया गया था। बारिश के कारण वाहन फिसलने या अन्य किसी तकनीकी कारण से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए कैबिनेट स्तर पर इस पर चर्चा हो चुकी है। यदि जांच में यह साबित होता है कि रंगों की वजह से हादसों का खतरा बढ़ा है, तो प्रशासन तुरंत उन सभी स्थानों से पेंट हटाने का काम पूरा करेगा।
ममता बनर्जी के 'उदासीन माहौल' वाले बयान पर पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'इस साल दुर्गा पूजा का माहौल बेहद उदास है और यह समय उत्सव मनाने का नहीं है', दिलीप घोष ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सत्ता गंवाने के बाद विपक्ष को जनता की खुशी और उत्सव रास नहीं आ रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि विपक्षी खेमे के कई प्रमुख लोग भी इस बार सरकार के सुचारू प्रबंधन और वास्तविक उत्सव के माहौल की सार्वजनिक रूप से सराहना कर रहे हैं।
उद्योग, कानून-व्यवस्था और समसामयिक मुद्दों पर रखी दो-टूक बात
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री दिलीप घोष ने राज्य के विकास और अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए:
- औद्योगिक विकास: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा ₹6,000 करोड़ की लागत से फिनोल (Phenol) और एसीटोन (Acetone) निर्माण कारखाने के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक पुनरुद्धार की ठोस शुरुआत हो चुकी है।
- अभिषेक बनर्जी के बयान पर कटाक्ष: अभिषेक बनर्जी द्वारा केंद्र और राज्य सरकारों को 'अवैध' बताए जाने पर उन्होंने कहा कि जनादेश से चुनी गई सरकारों पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा को दर्शाता है।
- दिल्ली विरोध-प्रदर्शन व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम: उन्होंने दिल्ली में जारी धरना-प्रदर्शनों और न्यूयॉर्क के जेएफके हवाई अड्डे पर प्रोफेसर यूनुस से जुड़े कथित वायरल वीडियो पर भी संज्ञान लेते हुए कहा कि अराजकता फैलाने वालों को जनता भली-भांति पहचानती है। वहीं प्रधानमंत्री पद को लेकर विपक्षी नेताओं की अमर्यादित टिप्पणियों को उन्होंने राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया।