कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर कई मुद्दों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेता दिलीप घोष ने चोरबागान हादसे, दुर्गापूजा के दौरान हुई जनहानि, विधानसभा में फ्लोर टेस्ट, प्रतिमा विसर्जन को लेकर सनातनी विवाद, विकास रंजन भट्टाचार्य के शुभकामना संदेश, मालदा में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या, विधानसभा चुनाव और दत्तपुकुर में विस्फोटक बरामदगी जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने चोरबागान मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की, वहीं चुनाव आयोग की भूमिका की भी सराहना की।
चोरबागान कांड पर बोले दिलीप घोष, SIT जांच से सामने आएगी जिम्मेदारी
चोरबागान कांड को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि यह घटना जानबूझकर नहीं की गई, बल्कि किसी की गलती के कारण हुई। इस हादसे में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई, जो बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाया जाए, उसे सजा मिलनी चाहिए। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस घटना में किसकी कितनी जिम्मेदारी थी। मामले में SIT जांच और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का मुद्दा भी चर्चा में है।
दुर्गापूजा के दौरान जनहानि पर चिंता, आयोजकों को सतर्क रहने की सलाह
दुर्गापूजा के दौरान हुई जनहानि पर दिलीप घोष ने कहा कि भारत जैसे अधिक आबादी वाले देश में गंगासागर और कुंभ मेले जैसे धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। श्रद्धा और भावनाओं के कारण धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में छोटी-सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने आयोजकों से भविष्य में विशेष सावधानी बरतने की अपील की और कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
फ्लोर टेस्ट में बीजेपी को 275 सीटें मिलने के दावे पर क्या बोले दिलीप घोष?
विधानसभा में तत्काल फ्लोर टेस्ट होने पर बीजेपी को 275 सीटें मिलने के दावे पर दिलीप घोष ने शुभेंदु अधिकारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी विधानसभा में नेता हैं और उन्हें सदन की परिस्थितियों की अच्छी जानकारी है। यदि वह ऐसा दावा कर रहे हैं, तो जरूरत पड़ने पर इसे साबित भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी विभिन्न मुद्दों पर विधानसभा में मतदान हो चुका है और उसके परिणाम सामने आए हैं।
प्रतिमा विसर्जन में केवल सनातनियों की भागीदारी वाले बयान पर विवाद
प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल सनातनियों के प्रतिमा को स्पर्श करने संबंधी मुख्यमंत्री के बयान पर दिलीप घोष ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विसर्जन के समय घाट पर यह पहचान करना कि कौन सनातनी है और कौन नहीं, व्यावहारिक रूप से कैसे संभव होगा?
उन्होंने सिंदूर खेला, विजयादशमी और अष्टमी पर अंजलि देने जैसी धार्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रद्धा के साथ पूजा करने वाले लोग ही मां की धार्मिक रस्मों में हिस्सा लेते हैं। उनके मुताबिक, पूजा-अर्चना, प्रणाम, सिंदूर खेला और अंजलि धार्मिक उत्सवों का स्वाभाविक हिस्सा हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करने को अनुचित बताया और धार्मिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखने की बात कही।
विकास रंजन भट्टाचार्य के शुभ शारदीया संदेश पर दिलीप घोष की टिप्पणी
विकास रंजन भट्टाचार्य के शुभ शारदीया शुभकामना संदेश को लेकर उठे विवाद पर दिलीप घोष ने कहा कि शारदीया की शुभकामनाओं का समय समाप्त हो चुका है और अब शुभ विजयादशमी कहने का समय है। उन्होंने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर परंपराओं को विकृत करने की कोशिश करने वालों की आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई उन्हें शुभकामनाएं नहीं देता, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है।
इस मुद्दे पर दिए गए बयान में संबंधित संसदीय प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया। हालांकि, इस संदर्भ में एमसीपीआई सांसद और समाजवादी दल के स्पीकर से दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगने संबंधी विवरण की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
मालदा में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या पर चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग
मालदा में दशमी के दिन बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या को दिलीप घोष ने दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में कुछ कमी आने के बावजूद समाज से हिंसा को पूरी तरह समाप्त करना एक बड़ी चुनौती है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं के पीछे राजनीतिक या आर्थिक कारण हो सकते हैं। इसलिए प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और हिंसा के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कारणों की पहचान किए बिना ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल होगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर टिप्पणी, चुनाव आयोग की सराहना
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर दिलीप घोष ने इसे अभूतपूर्व चुनाव बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में कई चरणों में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न होना और परिणामों की घोषणा होना एक ऐसी स्थिति थी, जिसकी उन्होंने पहले कल्पना नहीं की थी। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया और इसके लिए उसकी प्रशंसा की जानी चाहिए।
दत्तपुकुर में विस्फोटक बरामदगी पर चिंता, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कही यह बात
दत्तपुकुर में विस्फोटक, डेटोनेटर और बारूदी सुरंगों की बरामदगी तथा एसटीएफ की कार्रवाई पर दिलीप घोष ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की सामग्री की आपूर्ति के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है और अलग-अलग स्थानों पर उसके मॉड्यूल सक्रिय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरकारी तंत्र ऐसे मामलों की अनदेखी करता था, लेकिन अब सरकार इन्हें गंभीरता से ले रही है।
दिलीप घोष ने कहा कि दुर्गापूजा और दीपावली के दौरान पटाखों की आवाजाही और इस्तेमाल के बीच किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसी घटना से बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हो सकता है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की सख्त निगरानी को जरूरी बताते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहने से लोग त्योहारों को अधिक निश्चिंत होकर मना सकते हैं।