नई दिल्ली: विधानसभा चुनावों की मतगणना 4 मई को होने जा रही है, लेकिन कई लोगों के मन में एक अहम सवाल है—अगर किसी सीट पर दो उम्मीदवारों को समान वोट मिल जाएं तो जीत किसकी होगी? ऐसी स्थिति को “टाई” कहा जाता है और इसके लिए चुनाव आयोग के पास स्पष्ट नियम तय हैं।
टाई की स्थिति में क्या होता है?
जब किसी विधानसभा क्षेत्र में सभी मतदान केंद्रों की गिनती पूरी हो जाती है और दो उम्मीदवारों के वोट बराबर निकलते हैं, तब मामला असामान्य हो जाता है। इस स्थिति में किसी एक को सीधे विजेता घोषित नहीं किया जा सकता।
टॉस या लॉटरी से हो सकता है फैसला
चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, टाई होने पर विजेता का चयन टॉस या लॉटरी जैसी प्रक्रिया के जरिए किया जा सकता है। यानी किस्मत भी चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभा सकती है।
आयोग जारी करता है प्रमाण पत्र
अंतिम निर्णय होने के बाद ही चुनाव आयोग विजेता उम्मीदवार के नाम की घोषणा करता है और उसे आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।
नियमों के तहत लिया जाता है अंतिम फैसला
टाई की स्थिति भले ही दुर्लभ हो, लेकिन इससे निपटने के लिए आयोग के पास तय प्रक्रियाएं मौजूद हैं। इन्हीं नियमों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से विजेता का चयन किया जाता है, ताकि चुनाव परिणामों में पारदर्शिता बनी रहे।