कोलकाता/डायमंड हार्बर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Election 2026) के मतदान के बाद अब फलता विधानसभा क्षेत्र से धांधली की डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं। चुनाव आयोग द्वारा की गई स्क्रूटनी में यह खुलासा हुआ है कि फलता के कई बूथों पर न केवल कैमरे बंद किए गए, बल्कि EVM मशीनों के साथ भी गंभीर छेड़छाड़ की गई थी।
EVM पर टेप और 58% वोटिंग का रहस्य
स्क्रूटनी के दौरान यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि कई बूथों पर प्रिसाइडिंग ऑफिसर ने दोपहर 1 बजे सूचना दी कि 'टेप हटा दिया गया है'। रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर 1 बजे तक EVM के बटनों पर टेप लगा हुआ था, जिससे मतदाता केवल एक ही विशेष दल को वोट दे पा रहे थे। जब तक यह टेप हटाया गया, तब तक लगभग 58% मतदान हो चुका था।
नेटवर्क की समस्या या सोची-समझी साजिश?
हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह सब चल रहा था, उन बूथों के कैमरे बंद कर दिए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, नेटवर्क में समस्या होने का बहाना बनाया गया, जिसके कारण कंट्रोल रूम को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी। इसके अलावा, फलता के 30 बूथों पर 100% मतदान दर्ज किया गया है, जो आयोग के रडार पर है।
विशेष पर्यवेक्षक ने संभाला मोर्चा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता गुरुवार दोपहर डायमंड हार्बर विमेंस यूनिवर्सिटी स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचे। वहां उन्होंने फलता, मगराहाट और कुलपी जैसे क्षेत्रों की EVM मशीनों की गहन जांच और स्क्रूटनी की निगरानी की। इस दौरान टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान और भाजपा उम्मीदवार भी वहां मौजूद रहे।
इन बूथों पर फिर से हो सकता है मतदान:
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग को भेजी गई रिपोर्ट में भारी पुनर्मतदान की सिफारिश की गई है:
फलता: 30 बूथों (जहां 100% मतदान हुआ) समेत अन्य प्रभावित केंद्र।
डायमंड हार्बर: 4 बूथ।
मगराहाट पश्चिम: 11 बूथ।
अब सबकी नजरें चुनाव आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि कितने केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा।