कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (ISF) ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी करते हुए 23 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। इस सूची में भांगड़ और कैनिंग पूर्व सीट पर खास मुकाबले की तस्वीर साफ नजर आ रही है।
भांगड़ और कैनिंग में कड़ा मुकाबला
ISF ने भांगड़ से पार्टी अध्यक्ष नौशाद सिद्दीकी को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि कैनिंग पूर्व से पूर्व तृणमूल विधायक अराबुल इस्लाम को टिकट दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि कैनिंग पूर्व के मौजूदा विधायक शौकत मोल्ला को तृणमूल कांग्रेस ने इस बार भांगड़ सीट से उम्मीदवार बनाया है, जिससे दोनों क्षेत्रों में राजनीतिक टकराव और भी तेज हो गया है।
23 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान
पार्टी ने उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मालदा सहित कुल 9 जिलों की 23 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें सुजापुर, अशोकनगर, आमडांगा, देगंगा, नंदीग्राम, शालबनी, बोलपुर और बाराबनी जैसी अहम सीटें शामिल हैं।
सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
ISF की इस सूची में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखती है। पार्टी ने हिंदू, मुस्लिम, आदिवासी और महिला उम्मीदवारों को भी प्रतिनिधित्व दिया है। मध्यमग्राम से पूर्व एसएफआई नेता प्रियंका बर्मन, देगंगा से तृणमूल छोड़कर आए मफीदुल हक साहजी और सुजापुर से शिक्षक करीमुल्लाह हक को टिकट दिया गया है।
वाम दलों में बढ़ी असहजता
हालांकि, इस घोषणा के बाद वाम दलों, खासकर माकपा के भीतर असहजता बढ़ गई है। दरअसल, कुछ सीटों पर वाममोर्चा पहले ही अपने उम्मीदवार घोषित कर चुका था, लेकिन ISF ने उन्हीं सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। इससे गठबंधन के तालमेल पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दूसरी सूची जल्द आने के संकेत
इस पर सफाई देते हुए नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन विस्तृत चर्चा और आंतरिक सर्वे के आधार पर किया गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बाकी सीटों पर बातचीत जारी है और जल्द ही दूसरी सूची जारी की जा सकती है।