हावड़ा: राष्ट्रीय तैराक मुकेश गुप्ता ने हावड़ा के रामकृष्णपुर घाट पर पानी से भरे कांच के एक्वेरियम में लगातार 30 घंटे बिताकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने तालियों और 'मुकेश-मुकेश' के नारों से उनका भव्य स्वागत किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की गवाह उनकी मां भी बनीं, जो पूरे समय मौके पर मौजूद रहीं।
30 घंटे तक पानी में रहकर पूरा किया चुनौतीपूर्ण मिशन
शुक्रवार दोपहर करीब 12:50 बजे मुकेश गुप्ता ऑक्सीजन के लिए मुंह में बांस की नली लगाकर पानी से भरे कांच के एक्वेरियम में उतरे। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे जब वे बाहर आए तो वहां मौजूद भारी भीड़ ने उनका जोरदार स्वागत किया। उनकी इस उपलब्धि ने सभी को हैरान कर दिया और घाट पर उत्साह का माहौल बन गया।
मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया
पानी से बाहर निकलने के तुरंत बाद डॉक्टरों की टीम ने एम्बुलेंस के जरिए मुकेश को हावड़ा जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका मेडिकल चेकअप किया गया। अस्पताल में उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य लगातार नए रिकॉर्ड बनाकर देश का नाम रोशन करना है।
पहले भी बना चुके हैं कई साहसिक रिकॉर्ड
मुकेश गुप्ता इससे पहले भी कई अनोखे कारनामे कर चुके हैं। उन्होंने 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में 4 घंटे के भीतर 11 हजार से अधिक डुबकियां लगाने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा वे हावड़ा ब्रिज, विद्यासागर सेतु और बाली ब्रिज जैसे पश्चिम बंगाल के प्रमुख ऊंचे पुलों से नदी में छलांग लगाने का साहसिक प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
वाटर एडवेंचर को बढ़ावा देने की सरकार से अपील
मुकेश ने बताया कि इतने लंबे समय तक पानी के भीतर रहने के दौरान उन्हें शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास की बदौलत वे इस चुनौती को पूरा करने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें सरकारी स्तर पर कोई सहयोग नहीं मिला। अब उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि वाटर एडवेंचर को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएं, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और उचित मंच मिल सके।