कोलकाता: राजारहाट के बसिना स्थित मंडलपाड़ा में माकपा (सीपीएम) के पुराने पार्टी कार्यालय में कथित तोड़फोड़ को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। माकपा नेता सप्तर्षि देव ने इस घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, बीजेपी विधायक पीयूष कनोडिया ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए माकपा पर पलटवार किया है। इस मामले ने इलाके में राजनीतिक तनाव और आरोप-प्रत्यारोप को हवा दे दी है।
विजयादशमी की रात पार्टी कार्यालय पर हमले का आरोप
माकपा नेता सप्तर्षि देव का आरोप है कि विजयादशमी की रात बीजेपी ने उनके पुराने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। राजारहाट के बसिना स्थित मंडलपाड़ा में हुई इस कथित घटना के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। हालांकि, तोड़फोड़ के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
‘मीडिया में आने के लिए खुद कर रहे हैं ऐसा’: पीयूष कनोडिया
माकपा के आरोपों पर जवाब देते हुए बीजेपी विधायक पीयूष कनोडिया ने कहा कि माकपा का अब कोई अस्तित्व और जनाधार नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया में चर्चा हासिल करने के लिए पार्टी के लोग खुद ही इस तरह की घटनाएं कर रहे हैं। उन्होंने मार्क्सवादी विचारधारा पर निशाना साधते हुए कहा कि इसने वर्षों तक युवा पीढ़ी को नुकसान पहुंचाया है।
‘बंगाल में विवेकानंद के आदर्श चलेंगे, मार्क्स के नहीं’
पीयूष कनोडिया ने पश्चिम बंगाल में आए राजनीतिक बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की जनता बदलाव ला चुकी है। उनके मुताबिक, अब बंगाल में स्वामी विवेकानंद के आदर्श चलेंगे, कार्ल मार्क्स के नहीं। उन्होंने माकपा पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति सम्मान नहीं दिखाने का आरोप भी लगाया और पार्टी की विचारधारा पर सवाल उठाए।
बीजेपी विधायक की चुनौती- आरोप साबित हुए तो छोड़ दूंगा राजनीति
माकपा की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कनोडिया ने खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई ऐसी जगह दिखा सकता है, जहां बीजेपी का कोई नेता जाकर तोड़फोड़ में शामिल हुआ हो, तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उनके इस बयान के बाद राजारहाट में कथित तोड़फोड़ का मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
फिलहाल, इस घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। तोड़फोड़ की घटना और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक जांच की जानकारी सामने आने पर ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।