कोलकाता/उत्तर 24 परगना: बराहनगर जूट मिल की बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा नेता और कोलकाता नगर निगम के पार्षद सजल घोष ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बराहनगर जूट मिल के बाहर से फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने मिल परिसर की जर्जर इमारतों और लंबे समय से बंद पड़ी मशीनों को दिखाते हुए पश्चिम बंगाल में औद्योगिक गिरावट का मुद्दा उठाया। सजल घोष का दावा है कि कभी हजारों लोगों को रोजगार देने वाली यह जूट मिल हाल ही में दोबारा शुरू होने के बावजूद अपनी पुरानी क्षमता तक नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने कहा कि मिल की मौजूदा स्थिति बंगाल के औद्योगिक ढांचे की बदहाली की तस्वीर पेश करती है।
कभी हजारों लोगों को मिलता था रोजगार
मिल परिसर का दौरा करते हुए सजल घोष ने कहा कि बराहनगर जूट मिल कभी 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती थी। उनके मुताबिक, करीब डेढ़ महीने पहले मिल को दोबारा शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन अब तक यहां 1,000 लोगों को भी रोजगार नहीं मिल सका है।उन्होंने मिल के भीतर पड़ी जंग लगी मशीनों और जर्जर ढांचे की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक कारखाने की समस्या नहीं है, बल्कि राज्य के औद्योगिक संकट की बड़ी तस्वीर है।
'कट-मनी और रंगदारी ने उद्योगों को नुकसान पहुंचाया'
भाजपा नेता ने राज्य में उद्योगों के कमजोर होने और रोजगार के अवसर घटने के लिए पिछली और मौजूदा सरकारों की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि वाममोर्चा के शासनकाल में राजनीतिक हस्तक्षेप और ट्रेड यूनियन संस्कृति ने उद्योगों को प्रभावित किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस के शासन में कथित तौर पर 'कट-मनी' और 'तोलाबाजी' जैसी समस्याएं बढ़ीं। सजल घोष ने कहा कि औद्योगिक संकट सिर्फ बराहनगर तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, बैरकपुर औद्योगिक बेल्ट में कई जूट मिलें और अन्य कारखाने बंद या जर्जर स्थिति में हैं। उनका दावा है कि इन इकाइयों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दोबारा शुरू किया जाए तो बड़ी संख्या में रोजगार पैदा किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री से की अपील
सजल घोष ने अपने फेसबुक लाइव के जरिए राज्य सरकार से औद्योगिक इकाइयों के पुनरुद्धार के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में रोजगार और उद्योगों को वापस मजबूत करने के लिए बंद कारखानों को फिर से चालू करना, पुरानी मशीनरी को आधुनिक बनाना और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करना जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री से राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने और बंगाल को दोबारा औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया। सजल घोष ने अपने संदेश में कहा कि बंगाल को फिर से 'सुजलाम-सुफलाम' और 'सोना बांग्ला' बनाने के लिए सरकार, उद्योग जगत और राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए।