कोलकाता: देवीपक्ष की शुरुआत और महालया के ठीक बाद रविवार रात को कोलकाता के प्रसिद्ध संतोष मित्र स्क्वायर (लेबुताला पार्क) की दुर्गा पूजा के उद्घाटन समारोह के साथ ही राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शिरकत की। इस दौरान उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार, उद्योग मंत्री तापस राय और पर्यवेक्षक सुनील बंसल भी मौजूद रहे। पूजा पंडाल के मंच से मुख्यमंत्री ने 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' और 'कॉकरोच पार्टी' जैसी टिप्पणियों के जरिए विरोधियों पर तीखा प्रहार किया।
'वंदे मातरम' थीम और राष्ट्रवाद का संदेश
मध्य कोलकाता के इस प्रतिष्ठित पूजा पंडाल की इस बार की मुख्य थीम 'वंदे मातरम' रखी गई है, जो राष्ट्रकवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के इस ऐतिहासिक गीत के 150 वर्ष पूरे होने और राष्ट्रवाद की भावना को समर्पित है। उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूजा के जरिए हमेशा से राष्ट्रवादी और सनातनी संस्कृति की रक्षा की लड़ाई लड़ी जाती रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश को 'टुकड़े-टुकड़े गैंग', 'कश्मीर मांगे आजादी' जैसी ताकतों के साथ-साथ अरशोले (कॉकरोच) और छारपोका (खटमल) जैसे तत्वों के उत्पात से बचाना होगा।
विकास भट्टाचार्य पर नाम लिए बिना कड़ा हमला
रविवार सुबह एक घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने नाम लिए बिना वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता व माकपा सांसद विकास भट्टाचार्य पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि किसी के घर पर सुबह एक ढेला (पत्थर) फेंका गया, जिसे लेकर पुलिस ने तुरंत आवश्यक कार्रवाई की। लेकिन उस कम्युनिस्ट नेता ने अपने वेरीफाइड सोशल मीडिया अकाउंट पर इसे 'हिंदुत्ववादियों का आक्रमण' बताकर प्रचारित किया। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मुख्यमंत्री ने सवाल किया, "क्या हम सब हिंदू नहीं हैं? क्या हम हिंदुस्तान में नहीं रहते? इनकी ऐसी हिम्मत कहां से आती है?" साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई भविष्य में ऐसी घटनाओं को 'भगवा आतंकवाद या तांडव' के रूप में चित्रित करेगा, तो सरकार चुप नहीं बैठेगी।
विकास भट्टाचार्य का पलटवार
मुख्यमंत्री की इस कड़ी चेतावनी और समयसीमा तय किए जाने के बावजूद वरिष्ठ वामपंथी वकील और नेता विकास भट्टाचार्य ने अपने बयान से पीछे हटने से इंकार कर दिया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि हिंदू शास्त्रों समेत विभिन्न धार्मिक ग्रंथों, भारतीय संविधान और कानूनों का सही अध्ययन करने के बाद ही उनके भीतर यह वैचारिक साहस पैदा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि यह साहस मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर नहीं आया है और हिंदू धर्म के बारे में विरोधी क्या जानते हैं, यह जगजाहिर है।
2023 के 'जय श्रीराम' राम मंदिर मॉडल की याद
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने साल 2023 के संतोष मित्र स्क्वायर के उस ऐतिहासिक पंडाल की भी याद दिलाई, जब राम मंदिर के मॉडल पर आधारित थीम बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि उस वक्त आयोजक सजल घोष ने उनसे सलाह ली थी, जिसके बाद 'जय श्रीराम' की गूंज इस पंडाल से उठी थी, जो आज राज्य के कोने-कोने तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा, इस मंच से राज्य के सभी स्कूलों और मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य करने के फैसले का भी कड़ाई से पालन करने की बात दोहराई गई।
शमिक भट्टाचार्य का बयान और श्रीभूमि पूजा का उद्घाटन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने संतोष मित्र स्क्वायर के इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि इस मंडप के पास ही ऋषि बंकिमचंद्र ने 'वंदे मातरम' की रचना की थी और इसका ऐतिहासिक महत्व बेहद खास है। संतोष मित्र स्क्वायर के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने लेकटाउन के लोकप्रिय श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की दुर्गा पूजा का भी उद्घाटन किया। पूजा की शुरुआत के इस पहले दिन ही राजनीतिक नेताओं द्वारा एक-दूसरे को निशाना बनाकर की गई तीखी टिप्पणियां राज्यभर में चर्चा का केंद्र बन गई हैं।