लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) ने लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने और अपनी प्रत्याशी कान्ति सिंह के पक्ष में चुनावी माहौल मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है। पार्टी ने सुशील दीक्षित को जनपद लखनऊ का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है।
प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने जारी किया नियुक्ति पत्र
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के मुताबिक, पार्टी के विशेष आमंत्रित सदस्य सुशील दीक्षित को लखनऊ खंड स्नातक एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत जनपद लखनऊ की चुनावी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में जारी पत्र का क्रमांक 2380/2026 है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि इस नियुक्ति से जिले में चुनावी गतिविधियों के संचालन और संगठनात्मक समन्वय को मजबूती मिलेगी।
कान्ति सिंह के समर्थन में संभालेंगे चुनावी मोर्चा
सुशील दीक्षित को सपा प्रत्याशी कान्ति सिंह के समर्थन में प्रचार अभियान और चुनावी रणनीति से जुड़े कार्यों में समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें स्थानीय स्तर पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बनाकर चुनाव प्रचार को प्रभावी बनाने की दिशा में काम करना होगा। हालांकि, नियुक्ति पत्र में किसी विशिष्ट प्रचार कार्यक्रम या चुनावी अभियान की समय-सारिणी का उल्लेख नहीं किया गया है।
जिला और महानगर नेतृत्व को भी निर्देश
प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र लखनऊ के जिलाध्यक्ष जय सिंह 'जयन्त' और महानगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी को संबोधित किया गया है। इसके जरिए स्थानीय संगठन को चुनाव संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि जिले में चुनाव प्रचार और संगठनात्मक तैयारियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।
वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से एकजुट होकर प्रचार करने की अपील
समाजवादी पार्टी ने लखनऊ के पूर्व सांसदों, विधायकों, पूर्व जिलाध्यक्षों, जिला पंचायत अध्यक्षों तथा राष्ट्रीय और राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों से प्रत्याशी के समर्थन में एकजुट होकर प्रचार करने का आग्रह किया है। पार्टी की रणनीति संगठन के विभिन्न स्तरों पर सक्रियता बढ़ाकर कान्ति सिंह के पक्ष में समर्थन जुटाने की है।
लखनऊ खंड स्नातक एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र में सुशील दीक्षित की नियुक्ति को सपा की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण संगठनात्मक कदम माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि पार्टी की यह रणनीति चुनाव प्रचार और मतदाताओं तक पहुंच बनाने में कितनी प्रभावी साबित होती है।