Kannauj | शारदीय नवरात्रि के पहले दिन रविवार को देशभर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। उत्तर प्रदेश के कन्नौज स्थित करीब 500 साल पुराने सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। वहीं मध्य प्रदेश के देवास में मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और आरती में शामिल होने पहुंचे।
कन्नौज के मां फूलमती देवी मंदिर में भक्तों की लंबी कतार
इत्र नगरी कन्नौज में स्थित मां फूलमती देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की परंपरा है। रविवार को नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ जुटने लगी। हरदोई, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कानपुर नगर सहित आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बलों की तैनाती की गई है। मंदिर और आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। नवरात्रि को देखते हुए मंदिर को भी भव्य और आकर्षक तरीके से सजाया गया है।
मां को चढ़ाए जाने वाले जल का विशेष महत्व
मंदिर में मां की प्रतिमा पर चढ़ाए जाने वाले जल को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष धार्मिक मान्यता है। बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के साथ मंदिर की परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना कर रहे हैं।मंदिर के मुख्य पुजारी शिखर मिश्र ने बताया कि धार्मिक परंपरा के अनुसार फूलमती देवी को राजा वेणुचक्र की बेटी माना जाता है। उन्होंने बताया कि मां सात बहनों के रूप में पूजित हैं और कन्नौज का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है। पुजारी के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कई परिवारों के लिए मां फूलमती देवी कुलदेवी के रूप में पूजनीय हैं। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में अखंड ज्योति भी प्रज्वलित की गई है और प्रतिदिन शाम को मां की आरती की जाती है।
श्रद्धालुओं ने बताई आस्था और धार्मिक मान्यता
मंदिर पहुंचे श्रद्धालु राजीव कुमार ने बताया कि वह बचपन से ही मां फूलमती देवी के दरबार में आते रहे हैं। उन्होंने मंदिर के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि मां के दरबार में आने से मन को शांति मिलती है। उन्होंने संतान प्राप्ति और मनोकामनाओं से जुड़ी मान्यताओं का भी उल्लेख किया। ये श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्थाएं और मान्यताएं हैं।
देवास में मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिर में उमड़ी भीड़
मध्य प्रदेश के देवास में भी शारदीय नवरात्रि के पहले दिन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। रविवार सुबह भक्त मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे। सुबह की आरती में शामिल होने के लिए भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। नवरात्रि के पहले दिन मां के दर्शन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
पहले दिन दर्शन को नई शुरुआत से जोड़ते हैं श्रद्धालु
बड़ी माता मंदिर के पुजारी हर्षल ने कहा कि शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां के दर्शन करने की भक्तों में विशेष इच्छा रहती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन दर्शन को जीवन में नई शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है। मंदिर के महत्व के बारे में उन्होंने बताया कि यह सदियों पुराना मंदिर है और स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार मां यहां स्वयं प्रकट हुई थीं।
नौ दिनों तक जारी रहेगा पूजा और दर्शन का सिलसिला
नवरात्रि के साथ ही देवी मंदिरों में अगले नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी रहेगा। कन्नौज से लेकर देवास तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।