कानपुर - उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानून-व्यवस्था और चुनावी आरोपों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। कानपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राजभर ने मीडिया से बातचीत के दौरान महिला सुरक्षा, विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों और कथित वोट चोरी के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सपा को घेरा
महिला सुरक्षा और दिल्ली में हुए प्रदर्शन से जुड़े सवालों पर राजभर ने अखिलेश यादव को उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि दूसरों की सरकार पर सवाल उठाने से पहले विपक्षी नेताओं को अपने शासनकाल का भी आकलन करना चाहिए।
राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान आम लोगों के साथ सड़कों पर बदसलूकी की घटनाएं होती थीं और अपराधी व माफिया खुलेआम हथियार लेकर घूमते थे। उनके मुताबिक, उस समय कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में भय का माहौल था।
मंत्री ने सपा के मौजूदा राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को सरकार की आलोचना करने के साथ-साथ अपने पुराने कार्यकाल में किए गए कामों का भी जवाब देना चाहिए। हालांकि, कानून-व्यवस्था को लेकर राजभर की ये टिप्पणियां उनके राजनीतिक आरोप हैं।
वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष से सवाल
राजभर ने विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों और चुनाव में कथित वोट चोरी के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लंबे समय से सत्ता से बाहर हैं और विपक्ष को चुनावी नतीजों को स्वीकार करना चाहिए।
अपने तर्क के समर्थन में उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र किया। राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने 37 और कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत हासिल की, जबकि भारतीय जनता पार्टी की सीटें 2019 के मुकाबले कम होकर 240 रह गईं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों को सीटें मिली हैं, तो वोट चोरी के आरोप लगाकर प्रदर्शन करने का क्या औचित्य है। राजभर ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि चुनावी नतीजों के बाद विपक्ष को अपनी रणनीति और प्रदर्शन पर विचार करना चाहिए।
चुनावी नतीजों को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटें मिली थीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 37 सीटें जीतकर महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया था। कांग्रेस ने देशभर में 99 सीटें हासिल की थीं। इन नतीजों के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठते रहे हैं। राजभर ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक प्रतिक्रिया करार दिया, लेकिन कथित वोट चोरी के आरोपों की सत्यता का आकलन संबंधित तथ्यों, साक्ष्यों और आधिकारिक जवाबों के आधार पर ही किया जा सकता है।
यूपी में बयानबाजी तेज
ओमप्रकाश राजभर के इस बयान से साफ है कि प्रदेश में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। एक ओर राजभर ने अखिलेश यादव को उनके शासनकाल की याद दिलाते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, तो दूसरी ओर चुनावी नतीजों के आधार पर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों पर निशाना साधा।
अब देखना होगा कि राजभर के इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।