New Delhi | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से दिल्ली के मावलंकर हॉल में फिल्मी सितारों की रामलीला के आठवें संस्करण का शुभारंभ हुआ। इस बार आयोजन में एक खास बदलाव किया गया है। पहली बार 3 से 17 वर्ष की उम्र के बाल कलाकार श्रीराम के जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक की संपूर्ण रामायण का मंचन कर रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, इस रामलीला को आधुनिक तकनीक और भव्य मंच सज्जा के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन में 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े 63 कलाकार भी रामलीला में अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आएंगे।
पहली बार बाल कलाकारों के हाथों संपूर्ण रामायण का मंचन
फिल्मी सितारों की रामलीला के इस संस्करण की सबसे बड़ी खासियत बच्चों की भागीदारी है। 3 से 17 वर्ष तक के बाल कलाकार रामायण की विभिन्न घटनाओं को मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं। मंचन में भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर उनके वनवास, लंका विजय और अयोध्या वापसी के बाद राज्याभिषेक तक की प्रमुख घटनाओं को शामिल किया गया है। आयोजकों का कहना है कि बच्चों को रामायण की कथा और उसके मूल्यों से जोड़ने के साथ-साथ मंचीय कला के माध्यम से उनकी प्रतिभा को भी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
63 फिल्मी कलाकार होंगे शामिल
इस बार रामलीला में कुल 63 फिल्मी कलाकारों के हिस्सा लेने की जानकारी दी गई है। इनमें अभिनेता और फिल्म जगत से जुड़े अन्य कलाकार रामायण के अलग-अलग पात्रों की भूमिका निभाएंगे। 19 अक्टूबर को सांसद और अभिनेता रवि किशन भगवान श्रीराम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि अभिनेता अरुण बख्शी रावण का किरदार निभाएंगे। फिल्मी कलाकारों की भागीदारी के कारण इस रामलीला को लेकर दर्शकों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
120 फीट की LED स्क्रीन और आधुनिक तकनीक
रामलीला के मंच को आधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया गया है। कार्यक्रम में 120 फीट लंबी विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई है, जिसके जरिए रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को भव्य तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। मंचन में लाइटिंग, डिजिटल विजुअल और अन्य तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को पारंपरिक रामलीला के साथ आधुनिक प्रस्तुति का अनुभव मिल सके।
10 से 20 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन
आयोजकों के अनुसार यह रामलीला 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगी। आयोजन को देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंचाने की भी योजना है। रामलीला के प्रसारण को 40 भाषाओं में 80 से अधिक सैटेलाइट चैनलों के माध्यम से करीब 60 देशों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इससे देश के बाहर रहने वाले भारतीयों और रामायण में रुचि रखने वाले दर्शकों को भी कार्यक्रम देखने का अवसर मिल सकेगा।
नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने की कोशिश
आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, रामायण की शिक्षाओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना बताया गया है। बाल कलाकारों को रामायण के प्रमुख पात्रों और प्रसंगों से जोड़कर आयोजन के जरिए संस्कार, अनुशासन, सत्य, कर्तव्य और मर्यादा जैसे मूल्यों को सामने रखने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और बच्चों की भागीदारी के जरिए रामायण की कथा को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
दिल्ली में आकर्षण का केंद्र बना आयोजन
फिल्मी कलाकारों की भागीदारी, बाल कलाकारों द्वारा संपूर्ण रामायण का मंचन और आधुनिक तकनीक से तैयार मंच के कारण यह आयोजन दिल्ली में धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 10 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में अलग-अलग दिनों में रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। 19 अक्टूबर को रवि किशन और अरुण बख्शी की प्रमुख भूमिकाओं वाला मंचन विशेष आकर्षण रहेगा।