कोलकाता : पश्चिम बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र में एक नए और ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। राज्य के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने और भारी उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पश्चिम मेदिनीपुर के गढ़बेता में एक विशाल और अत्याधुनिक इस्पात (Steel) कारखाने का निर्माण किया जा रहा है। 'कैप्टन स्टील इंडिया लिमिटेड' (Captain Steel India Ltd.) की हिस्सेदारी और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान व बंगाल के गौरव सौरव गांगुली के विशेष प्रयासों से इस मेगा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा जा रहा है।
2,500 करोड़ रुपये का भारी निवेश और सौरव गांगुली की भूमिका
इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे आकर्षक पहलू सौरव गांगुली की सक्रिय भागीदारी है। सौरव गांगुली और कैप्टन स्टील की संयुक्त साझेदारी वाले इस प्रोजेक्ट में करीब 2,500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जा रहा है। हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल के भारी उद्योग क्षेत्र में यह अब तक के सबसे बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह कारखाना आगामी 18 से 20 महीनों के भीतर पूरी तरह चालू हो सकता है।
सालाना 0.8 मिलियन टन उत्पादन क्षमता
औद्योगिक जानकारों के मुताबिक, गढ़बेता के इस कारखाने की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 0.8 मिलियन टन होगी। इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता के साथ यह प्लांट राष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम बंगाल के इस्पात उद्योग को एक नई पहचान देगा। इससे न केवल घरेलू बाजार में स्टील की आपूर्ति बढ़ेगी, बल्कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में भी भारी उछाल आने की उम्मीद है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
BGBS 2023 से शुरू हुआ था सफर, शालबनी से गढ़बेता ट्रांसफर हुआ प्रोजेक्ट
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव साल 2023 के 'बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट' (BGBS) में रखी गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में सौरव गांगुली ने राज्य में एक बड़ा स्टील प्लांट लगाने की घोषणा की थी। शुरुआती योजना के तहत, पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी इलाके में करीब 600 एकड़ जमीन पर इस कारखाने को बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि, जमीन से जुड़ी कुछ तकनीकी और कानूनी जटिलताओं के कारण इस योजना में बदलाव करना पड़ा।
इसके बाद, राज्य सरकार ने विकल्प के तौर पर 'गढ़बेता इंडस्ट्रियल पार्क' में जमीन का प्रस्ताव रखा। राज्य कैबिनेट ने औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए गढ़बेता की वेस्टेड (Vested) भूमि को 'पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम' (WBIDC) को सौंपने की मंजूरी दी। बाद में, WBIDC ने 'कैप्टन इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' को गढ़बेता इंडस्ट्रियल पार्क में लगभग 250 एकड़ जमीन के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' (Letter of Intent) जारी किया, जहां अब इस इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा
राज्य में इस बड़े प्रोजेक्ट के आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर उत्साह है। भाजपा (BJP) द्वारा जारी एक हालिया प्रचार पत्र में भी सौरव गांगुली के इस स्टील कारखाने का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। भाजपा ने इस परियोजना को पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया है।परियोजना के समय पर पूरा होने से न केवल बंगाल का औद्योगिक परिदृश्य बदलेगा, बल्कि यह देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की सूची में पश्चिम बंगाल की स्थिति को और मजबूत करेगा।