कोलकाता: राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल सेंट्रल स्कूल सर्विस कमीशन (WBCSSC) के नए अध्यक्ष के रूप में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री दुष्यंत नारियाला की नियुक्ति की है। सरकार का कहना है कि यह फैसला भर्ती व्यवस्था को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करने और योग्य उम्मीदवारों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से लिया गया है।

UPSC मॉडल पर भर्ती आयोगों के पुनर्गठन का दावा
सरकार ने कहा कि राज्यवासियों से किया गया वादा था कि भर्ती आयोगों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर पुनर्गठित किया जाएगा। इसी दिशा में बजट भाषण के दौरान रिक्त पदों पर भर्ती की घोषणा के साथ यह भी स्पष्ट किया गया था कि भर्ती से जुड़ी किसी भी समिति में किसी राजनीतिक व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारी
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए राज्य के अनुभवी और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री दुष्यंत नारियाला को WBCSSC का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सरकार का दावा है कि इस नियुक्ति से आयोग की कार्यप्रणाली अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनेगी।
'योग्यता ही होगी नौकरी का एकमात्र आधार'
सरकार ने कहा कि अब नौकरी पाने का एकमात्र आधार उम्मीदवार की योग्यता और प्रतिभा होगी। पिछले शासनकाल में भर्ती प्रक्रिया में हुए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि नए पश्चिम बंगाल में ऐसी व्यवस्था के लिए कोई स्थान नहीं होगा।
युवा अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा पर जोर
सरकार ने दोहराया कि योग्य और प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा करना तथा उन्हें पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। साथ ही कहा गया कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस दिशा में प्रयास लगातार जारी रहेंगे।