कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी गणेश पूजा और दुर्गा पूजा से पहले पूजा पंडालों के उद्घाटन को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक नया विमर्श शुरू हो गया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य की उस अपील का राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने खुलकर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने पूजा के उद्घाटन के लिए राजनीतिक नेताओं के बजाय समाज के प्रतिष्ठित और गुणी व्यक्तियों को आमंत्रित करने की बात कही थी। रविवार को कोलकाता के ईको पार्क में प्रातःभ्रमण के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने स्पष्ट किया कि वह खुद किसी भी राजनीतिक नेता के पूजा आयोजन में शामिल नहीं हो रहे हैं।
साधु-संतों, पद्म पुरस्कार विजेताओं और खिलाड़ियों को दें मंच
दिलीप घोष ने पूजा आयोजकों को सुझाव दिया कि पद्म भूषण, पद्म विभूषण से सम्मानित हस्तियों, साधु-संतों और खिलाड़ियों को उद्घाटन के लिए बुलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा सम्मानित किए गए निष्पक्ष बुद्धिजीवियों, संस्कृतिविदों और ग्रामीण इलाकों में समाज सेवा करने वाले आम नागरिकों को भी आगे लाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने जोड़ा कि केवल उन्हीं चुनिंदा नेताओं को बुलाया जा सकता है जिनकी समाज में साफ-सुथरी और अच्छी छवि हो।
पूजा को राजनीति से दूर रखने का संकल्प
उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मंत्रियों और राजनीतिक नेताओं द्वारा पूजा पंडालों का उद्घाटन करना एक परंपरा बन गया था। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बनी शुभेंदु अधिकारी की सरकार अब पूजा उत्सवों को राजनीति से दूर रखकर एक अलग स्तर पर ले जाने का संदेश दे रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य सांस्कृतिक पहचान को प्राथमिकता देना और राजनीति से परे हटकर वास्तविक समाज सेवकों को सम्मानित करना है।