कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद, 9 मई को राज्य में पहली बार 'भगवा सरकार' का शपथ ग्रहण होने जा रहा है। 4 मई को आए नतीजों में बीजेपी ने दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सत्ता से तृणमूल कांग्रेस को बेदखल कर दिया है।
राज्यपाल का कड़ा कदम
ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफे से इनकार किए जाने के बाद, राजभवन ने सख्त रुख अपनाया। राज्यपाल ने संविधान की धारा 174(2)(बी) का प्रयोग करते हुए निवर्तमान विधानसभा और मंत्रिमंडल को भंग कर दिया है। राजभवन के इस आदेश के बाद अब नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
अमित शाह पहुँचे दक्षिणेश्वर, सस्पेंस बरकरार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सुबह 11 बजे कोलकाता पहुँचे। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के साथ दक्षिणेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस अभी भी बना हुआ है। रेस में शुभेंदु अधिकारी सबसे आगे माने जा रहे हैं, लेकिन सुकांत मजूमदार, शमिक भट्टाचार्य और स्वप्न दासगुप्ता के नामों पर भी चर्चा तेज है।
आज की बड़ी बैठक
दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ अमित शाह बैठक करेंगे। इस बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शाह के सहायक पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे। इसी बैठक में 'विधायक दल के नेता' यानी अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
ब्रिगेड में मेगा शपथ ग्रहण
शनिवार (9 मई) की सुबह ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत बीजेपी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे।