बकरीद के मौके पर आज गुरुवार 28 मई को भारतीय शेयर बाजार बंद हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में पूरे दिन कारोबार नहीं होगा। वहीं कमोडिटी मार्केट में भी दोपहर तक ट्रेडिंग बंद रहेगी और शाम 5 बजे से कारोबार फिर शुरू होगा। इससे पहले बुधवार 27 मई को बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 142 अंक टूटकर 75,868 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 7 अंक फिसलकर 23,907 पर पहुंच गया। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला।
अमेरिका-ईरान तनाव से महंगा हुआ कच्चा तेल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब ग्लोबल मार्केट पर साफ दिखने लगा है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार भी जा सकती हैं। इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।
साउथ कोरिया का बाजार 3% से ज्यादा टूटा
एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। साउथ कोरिया का शेयर बाजार 3% से ज्यादा टूट गया। निवेशकों में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। ग्लोबल मार्केट में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी अगले कारोबारी सत्र में देखने को मिल सकता है।
कच्चा तेल महंगा होने से क्यों गिरता है बाजार?
भारत अपनी जरूरत का करीब 80 से 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर देश का इम्पोर्ट बिल बढ़ जाता है। इससे रुपये पर दबाव आता है और डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा कमजोर हो सकती है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट, एविएशन, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की लागत बढ़ जाती है। कंपनियों का मुनाफा घटने की आशंका में निवेशक शेयर बेचने लगते हैं, जिससे बाजार में गिरावट देखने को मिलती है।
निवेशकों की नजर अब ग्लोबल संकेतों पर
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल मार्केट के मूड पर निर्भर करेगी। अगर क्रूड ऑयल लगातार महंगा होता है, तो भारतीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।