नई दिल्ली. सोने और चांदी के भाव में आजकल तेज उतार-चढ़ाव के बीच एक्सपर्ट्स का मानना है कि दिवाली या इस साल के अंत तक भाव आसमान छूएंगे। सोना 180000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 300000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इस लेवल तक पहुंचने के पीछे फाइनेंशियल सपोर्ट भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सीमित सप्लाई बड़ी वजह बताई जा रही है। केडिया कमोडिटीज के प्रेसीडेंट अजय केडिया ने कहा कि सोना दिवाली या 2026 के आखिर तक 180000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है यानी रेफरेंस कीमत से करीब 18 प्रतिशत ऊपर की संभावना है।
वर्तमान भाव में तेजी
आज सोने-चांदी के भाव में बड़ी तेजी है। घरेलू कमोडिटी मार्केट में आज 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1 प्रतिशत उछलकर 150503 रुपये पर पहुंच गया है। जबकि चांदी भी 226375 रुपये प्रति किलो पर है। इसमें 1.19 प्रतिशत की उछाल है। मौजूदा तेजी के बीच आगे और बढ़ोतरी के अनुमान से निवेशक और खरीदार दोनों सतर्क हैं। त्योहारी सीजन से पहले भावों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। वर्तमान स्तर से आगे की तेजी के संकेत मिल रहे हैं।
सोने को सपोर्ट देने वाले फैक्टर्स
अजय केडिया के अनुसार सोने को सेंट्रल बैंकों की खरीदारी ईटीएफ में पैसा आने रिजर्व में विविधता और रुपये के कमजोर होने की संभावना से सपोर्ट मिल रहा है। दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 2026 की दूसरी तिमाही में करीब 289 टन सोना खरीदा। भारत में गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी अगस्त में तेज रहा। इससे सोने को पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के लिहाज से निवेशकों की पसंद बने रहने का संकेत मिलता है। इन कारकों से सोने के भाव को मजबूती मिल रही है।
चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव
केडिया ने कहा कि चांदी में ज्यादा संभावना है लेकिन उतार-चढ़ाव भी काफी ज्यादा है। लगातार सप्लाई घाटा खदानों से सप्लाई बढ़ाने की सीमित गुंजाइश और इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रिक वाहन पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी से आने वाली मांग इसके मुख्य ड्राइवर बने हुए हैं। चांदी दिवाली या साल के आखिर तक करीब 300000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकती है जो करीब 28 प्रतिशत ऊपर जाने की संभावना दिखाता है। औद्योगिक मांग और सीमित आपूर्ति से चांदी को बल मिल रहा है।
सेंट्रल बैंकों की खरीद
केडिया एडवाइजरी के कमोडिटी और करेंसी इनसाइट्स के मुताबिक 2026 की दूसरी तिमाही में केंद्रीय बैंकों की शुद्ध सोने की खरीद 289 टन रही। यह पहली तिमाही के मुकाबले करीब पांच गुना और पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 62 फीसदी अधिक बताई गई है। 2026 की पहली छमाही में केंद्रीय बैंकों की कुल खरीद करीब 345 टन रही। रिकॉर्ड स्तर की खरीद से सोने के भाव को मजबूत समर्थन मिल रहा है। केंद्रीय बैंकों की यह गतिविधि वैश्विक स्तर पर सोने की मांग बढ़ा रही है।
आगे की संभावनाएं
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि दिवाली या साल के अंत तक सोना 180000 और चांदी 300000 के स्तर को छू सकती है। वित्तीय समर्थन भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संबंधी बाधाएं भावों को ऊपर ले जाने वाले प्रमुख कारक हैं। निवेशकों को उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए फैसला करना चाहिए। त्योहारी मांग भी भावों को प्रभावित कर सकती है। मौजूदा रुझान को देखते हुए सोना-चांदी दोनों में तेजी की संभावना बनी हुई है। बाजार की निगरानी जरूरी है।