भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को मई माह में मिश्रित परिणामों का सामना करना पड़ा है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के ताजा आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में कुल निर्यात मूल्य वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 2.49 प्रतिशत घटकर 204.79 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, ऊंची कीमती धातुओं के दाम और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों ने इस क्षेत्र की गति को प्रभावित किया है। निर्यात में आई यह गिरावट उद्योग के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है, क्योंकि रत्न एवं आभूषण क्षेत्र देश के प्रमुख विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाले क्षेत्रों में शामिल है।
सोने के आभूषणों ने बढ़ाई उद्योग की चिंता
मई माह के दौरान सबसे अधिक दबाव सोने के आभूषणों के निर्यात पर देखने को मिला। आंकड़ों के अनुसार सोने के आभूषणों का निर्यात लगभग 14.75 प्रतिशत घटकर 75 करोड़ डॉलर से कुछ अधिक रह गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की लगातार बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता को प्रभावित किया है, जिससे मांग में कमी दर्ज की गई। इसके अलावा कई बाजारों में आर्थिक सतर्कता और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं ने भी सोने के आभूषणों की मांग को प्रभावित किया है। परिणामस्वरूप निर्यातकों को अपेक्षित ऑर्डर नहीं मिल सके।
आपूर्ति संबंधी चुनौतियों ने बढ़ाई मुश्किलें
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि केवल ऊंची कीमतें ही नहीं, बल्कि आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं ने भी निर्यात को प्रभावित किया है। वैश्विक स्तर पर व्यापारिक मार्गों में व्यवधान, परिवहन लागत में वृद्धि और कच्चे माल की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों ने निर्यातकों की लागत बढ़ा दी है। इससे प्रतिस्पर्धात्मक बाजारों में भारतीय उत्पादों की स्थिति प्रभावित हुई है। कई कंपनियां अब लागत नियंत्रण और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश में जुटी हुई हैं ताकि निर्यात प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा सके।
तराशे गए हीरों ने दिखाई मजबूती
जहां सोने के आभूषणों के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई, वहीं तराशे और पॉलिश किए गए हीरों के निर्यात ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। मई माह में इस श्रेणी का निर्यात 3.31 प्रतिशत बढ़कर 98 करोड़ डॉलर से अधिक हो गया। यह वृद्धि दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय हीरा उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता अब भी मजबूत बनी हुई है। विशेष रूप से अमेरिका, पश्चिम एशिया और अन्य प्रमुख बाजारों में उच्च गुणवत्ता वाले हीरों की मांग ने इस क्षेत्र को सहारा प्रदान किया है।
प्रयोगशाला में विकसित हीरों की बढ़ती लोकप्रियता
रत्न एवं आभूषण उद्योग में प्रयोगशाला में विकसित हीरे तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। मई माह में इस श्रेणी के निर्यात में लगभग 26 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पर्यावरणीय दृष्टि से अपेक्षाकृत टिकाऊ माने जाने वाले इन हीरों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है। युवा उपभोक्ताओं के बीच किफायती और आधुनिक विकल्प के रूप में इनकी लोकप्रियता बढ़ने से भारतीय निर्यातकों को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह प्रवृत्ति आने वाले वर्षों में उद्योग की संरचना को भी प्रभावित कर सकती है।
चांदी के आभूषणों ने भी दिखाई चमक
मई माह में चांदी के आभूषणों का निर्यात भी सकारात्मक रहा। इस श्रेणी में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जो वैश्विक बाजार में चांदी आधारित आभूषणों की बढ़ती मांग को दर्शाता है। सोने की तुलना में अपेक्षाकृत कम कीमत और आकर्षक डिजाइनों के कारण चांदी के आभूषण कई देशों में लोकप्रिय हो रहे हैं। भारतीय कारीगरों की उत्कृष्ट शिल्पकला और विविध उत्पाद श्रृंखला ने भी इस क्षेत्र की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
बदलते वैश्विक रुझानों के बीच नई रणनीति की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि रत्न एवं आभूषण उद्योग अब एक संक्रमणकालीन दौर से गुजर रहा है, जहां पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ नई श्रेणियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। प्रयोगशाला में विकसित हीरे, हल्के वजन के आभूषण और किफायती विलासिता उत्पाद वैश्विक बाजार में नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय निर्यातकों को बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं के अनुरूप अपनी रणनीति तैयार करनी होगी। नवाचार, गुणवत्ता और वैश्विक मांग के अनुरूप उत्पाद विकास ही भविष्य में निर्यात वृद्धि की कुंजी साबित हो सकता है।
भविष्य को लेकर उद्योग की उम्मीदें बरकरार
मई माह के आंकड़े भले ही कुछ चुनौतियों की ओर संकेत करते हों, लेकिन उद्योग को आने वाले महीनों से काफी उम्मीदें हैं। त्योहारी और विवाह सीजन की वैश्विक मांग, नए बाजारों में विस्तार और तकनीक आधारित उत्पादन प्रणाली के कारण निर्यात में सुधार की संभावना जताई जा रही है। उद्योग संगठनों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और सोने की कीमतों में संतुलन आता है तो भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात फिर से मजबूत वृद्धि के रास्ते पर लौट सकता है।