सप्ताह के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह टूट गए, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की धमकी के बाद वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बन गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भारतीय बाजार की धारणा को भी प्रभावित किया।
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
सुबह 9:20 बजे तक सेंसेक्स 1,624.21 अंक (2.09%) गिरकर 75,926.04 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 471.15 अंक (1.96%) टूटकर 23,579.45 के करीब कारोबार करता दिखा।
बाजार खुलते ही 9:15 बजे बीएसई सेंसेक्स 1,446.37 अंक गिरकर 76,103.88 पर खुला, जबकि निफ्टी 373.25 अंक गिरकर 23,677.35 पर पहुंच गया। प्री-ओपनिंग में तो सेंसेक्स 1600 अंकों तक नीचे चला गया था।
हर सेक्टर में बिकवाली, बड़े शेयर धड़ाम
- बाजार में भारी बिकवाली के चलते बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
- टॉप लूजर्स में HDFC Bank, Maruti Suzuki, Eicher Motors, Shriram Finance और Bajaj Finance शामिल रहे।
- स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली, जहां निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 2% नीचे गिर गया।
क्यों आया बाजार में यह बड़ा क्रैश?
इस भारी गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। अमेरिका-ईरान वार्ता बिना नतीजे खत्म हो गई, जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरानी बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकाबंदी की योजना का ऐलान किया। इसके साथ ही इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार में डर का माहौल पैदा कर दिया, जिससे निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू कर दी।