मुंबई/कोलकाता: घरेलू शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन 'ब्लैक मंडे' साबित हुआ। बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया, जिससे दोनों बेंचमार्क इंडेक्स (Sensex और Nifty) 1 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1042 अंक (1.33%) गिरकर 76,285 के स्तर पर आ गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 309 अंक (1.28%) फिसलकर 23,866 पर बंद हुआ।इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर टूरिज्म, रियल्टी, मीडिया, पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर पर पड़ा। बाजार विशेषज्ञों ने इस बड़ी गिरावट के पीछे निम्नलिखित 7 मुख्य कारण बताए हैं:
1. ईरान-अमेरिका तनाव: पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता सबसे बड़ा कारण है। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
2. कच्चे तेल में उबाल: तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। तेल का बड़ा आयातक होने के नाते भारत के लिए यह महंगाई और व्यापार घाटे का संकेत है।
3. रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया और कमजोर हुआ है। इससे विदेशी निवेशकों (FIIs) का मुनाफा कम होता है और आयात महंगा हो जाता है।
4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं और सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं।
5. प्रधानमंत्री का 'तेल बचाओ' संदेश: रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और सोने के इस्तेमाल में कटौती करने की अपील की थी। उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' का सुझाव भी दिया, जिसका असर ट्रैवल और ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों पर नकारात्मक पड़ा।
6. India VIX में उछाल: बाजार में डर को मापने वाला सूचकांक 'इंडिया विक्स' बढ़ गया है, जो संकेत देता है कि निवेशक आने वाले समय में और भी उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रहे हैं।
7. बैंकिंग शेयरों पर दबाव: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी वजन रखने वाले बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में गिरावट ने पूरे सूचकांक को नीचे खींच लिया।