स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव (Singhdev) का बड़ा बयान। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में गरमाहट पैदा हो गई है। बता दें कि, कांग्रेस के सीनियर नेता और स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव (Singhdev) ने कांग्रेस के घोषणा पत्र में किये गए वादों के पूरे न होने पर जताई नाराजगी जताई है।
घोषणा पत्र में किये वादे पूरे नहीं कर पाए हम - Singhdev
स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि, कांग्रेस के घोषणा पत्र का निर्माण मेरे जरिये किया गया। इस घोषणा पत्र को सभी की सहमती से लागू भी किया गया। लेकिन घोषणा पत्र में किये वादे पूरे नहीं कर पाए हम। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि, जनता के बीच में सरकार की छवि खराब हुई है। वहीं मंत्री सिंहदेव ने शराब बंदी को एक कठिन प्रक्रिया बताया है।
अन्य वादों को किया जा सकता है
मंत्री सिंहदेव ने कहा कि, अन्य वादों को किया जा सकता है। बेरोजगारी भत्ता दिया जा सकती है, पेंशन दी जा सकती है, और भी अनेकों मांगों को पूरा किया जा सकता हैं, लेकिन नहीं की गई। वहीं प्रदेश में होने वाले इसी साल 2023 में चुनाव लड़ने के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि, खुले मन से इस बात को कह रहा हूं। शुरुआत में राजनीति से दूर रहना चाहता था, लेकिन आ गया।
लोगों का विश्वास बढ़ा, लोगों ने भरोसा जताया
मंत्री सिंह ने आगे कहा कि, मेरा नगर पालिका के जरिये राजनीति के क्षेत्र में प्रवेश हुआ। लोगों का विश्वास बढ़ा, लोगों ने भरोसा जताया और उन्हीं के भरोसे से आगे बढ़ता चला गया। साल 2008 में विधायक का चुनाव लड़ा। मेरा मन था चुनाव लड़ने का। अगले बार भी चुनाव लड़ने का मन बना नेता प्रतिपक्ष के रूप में काम करने के मौका मिला। तीसरे मौके में भी मंत्री पद का दायित्व मिला।
अपनी सोंच के अनुरूप काम नही कर पाया हूं।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि, मुख्यमंत्री बनने की इच्छा तो नही थी, लेकिन मंत्री बनने की इच्छा थी। अब भावनाएं दबती जा रही है और मन भी दब चुका है। मंत्री पद के बाद भी अपनी सोंच के अनुरूप काम नही कर पाया हूं।
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