राजधानी में लगातार साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे है। व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर, पांच रुपये शुल्क जमा करने का बोलकर लोगों को बना रहे ठगी का शिकार (Bhopal Cyber Crime)। साइबर क्राइम को देखते हुए पुलिस और बैंक की तरफ से लगातार साइबर फ़्रॉड के बारे में एडवाइजरी जारी हो रही है। लेकिन उसके बावजूद भी लोग ऐसे ठगों के झांसे में फंस रहे है।
कूरियर वाला बन कर हो रही ठगी
आनलाइन खरीदारी करने वाले लोग सावधान रहे इस समय ऐसे साइबर ठग सक्रिय हैं जो कूरियर वाला बनकर आपका पार्सल घर पहुंचाने के लिए फोन करते हैं। एक लिंक भेजकर पांच रुपये शुल्क जमा करने के लिए कहते हैं। कम राशि होने की वजह से ज्यादातर लोग इसके लिए तैयार भी हो जाते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही खाते से पूरी राशि उड़ा ली जाती है। इस तरह की शिकायतें भोपाल साइबर क्राइम पुलिस के पास हर रोज़ पहुंच रही है।
ताज़ा मामला भोपाल के रहने वाले राजू के साथ हुआ है । राजू पेशे से लोडिंग ऑटो चलाता है। राजू के पास कुछ दिन पहले कूरियर वाला बनकर पार्सल घर पहुंचाने के लिए फोन आता हैं। एड्रेस अपडेट कराने के लिये एक लिंक भेजकर पांच रुपये शुल्क जमा करने का बोलता है, राजू ने व्हाट्सएप पर लिंक खोलते ही 5 रुपये जमा कर दिए। थोड़ी देर बाद राजू के बैंक एकाउंट से 56 हज़ार रुपये की राशि निकाल ली गई। अब फरियादी बैंक और साइबर पुलिस के चक्कर काट रहा है।
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साइबर क्राइम पुलिस का बयान (Bhopal Cyber Crime)
साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक इन दिनों अलग-अलग वेबसाइट से सामान खरीदने वालों के साथ ठगी के मामले अचानक से बढ़े हैं। पीड़ितों ने अपनी शिकायत में बताया है कि कूरियर कंपनी का डिलीवरी ब्वाय बनकर फोन किया जाता है। वह कहता है कि पार्सल आया है। उस पार्सल को पहुंचाने के लिए उन्हें पांच से 10 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। शुल्क जमा कराने के लिए साइबर ठग उपभोक्ता के पास पहले से तैयार लिंक भेजता है। उसे खोलते ही उपभोक्ता के बैंक खाते से राशि निकल जाती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दूसरा तरीका भी इन साइबर ठगों ने निकाला है। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर कस्टमर केयर के रूप में दर्ज कर रखा है। लोग जैसे ही गूगल पर कूरियर कस्टमर केयर का नंबर तलाश्ते हैं तो साइबर ठग का ही नंबर मिलता है। उपभोक्ता अपने पार्सल के बारे में बात करते हैं तो ठग उनकी पूरी जानकारी ले लेते हैं। पार्सल पहुंचाने के लिए उपभोक्ता को एक फार्म भरने को कहते हैं। फार्म में सभी तरह की जानकारी ले ली जाती है। बता दें कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए पुलिस जागरूकता अभियान भी चला रही है। स्कूल कॉलेज अलग अलग संस्थाओं में जाकर अधिकारी इस तरह के अपराध से बचने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे है।
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