अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव पर सबकी नजरें टिकी हुई है। क्योंकि कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाले छिंदवाड़ा में बीजेपी ने पहली बार सेंधमारी की है। लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा सीट पर बीजेपी को जीत मिली है, ऐसे में सवाल यह है कि अमरवाड़ा में किसे जीत मिलेगी। क्योंकि नाथ परिवार ने खुद चुनाव तैयारियों में जुटने के संकेत दे दिए हैं। बीजेपी की तरफ से कांग्रेस छोड़कर आने वाले पूर्व विधायक कमलेश शाह संभावित प्रत्याशी माने जा रहे हैं तो वहीं कांग्रेस से भी दो नेताओं के नाम सामने आए हैं।
अमरवाड़ा विधानसभा सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई
दरअसल, लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी और कांग्रेस के लिए अमरवाड़ा विधानसभा सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। बीजेपी जहां अपनी जीत को बरकरार रखना चाहती है, तो कांग्रेस विधानसभा चुनाव जीतकर लोकसभा चुनाव में मिली हार पर मरहम जरूर लगाना चाहेगी। कांग्रेस की तरफ से आदिवासी नेता चंपालाल कुर्चे और नवीन मरकाम के नाम की चर्चा सबसे तेजी से उभरी है। दोनों नेता अमरवाड़ा क्षेत्र में सक्रिए माने जाते हैं। नवीन मरकाम युवा है और फिलहाल जिला पंचायत सदस्य हैं, उपचुनाव की आहट के बाद से ही उन्होंने अपनी सक्रियता तेजी से बढ़ा दी थी। वहीं 65 साल के चंपालाल कुर्चे अमरवाड़ा ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और वह भी दो बार से लगातार जिला पंचायत के सदस्य चुने जा रहे हैं। ये दोनों नेता फिलहाल कांग्रेस की तरफ से टिकट मांगते नजर आ रहे हैं।
नाथ परिवार ही चुनेगा प्रत्याशी
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर प्रत्याशी चयन के लिए पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे और विधायक सुनील जायसवाल को प्रभारी बनाया है। लेकिन माना जा रहा है कि यहां नाथ परिवार का सबसे बड़ा फैक्टर है। कमलनाथ और नकुलनाथ जिस प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगाएंगे वहीं कांग्रेस का संभावित प्रत्याशी हो सकता है। कांग्रेस के पूर्व सांसद नकुलनाथ खुद कह चुके हैं उनका अगला लक्ष्य कांग्रेस को अमरवाड़ा में जितवाना है।
बीजेपी से कमलेश शाह
वहीं बात अगर बीजेपी की जाए तो यहां कांग्रेस छोड़ने वाले पूर्व विधायक कमलेश शाह ही संभावित प्रत्याशी नजर आ रहे हैं। कमलेश शाह ने विधायकी से इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वाइन की थी। ऐसे में बीजेपी उन्हें ही टिकट देगी, कमलेश शाह ने हाल ही में सीएम डॉ मोहन यादव से भी मुलाकात की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि सीएम मोहन यादव भी जल्द ही अमरवाड़ा का दौरा कर सकते हैं। हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से लड़ी मोनिका बट्टी को मनाना बीजेपी के लिए जरूरी होगा। हालांकि कमलेश शाह के परिवार की अमरवाड़ा में अच्छी पकड़ मानी जाती है। वह लगातार तीन बार इस विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव जीत चुके हैं, जबकि उनके दादा और मां भी इस सीट से विधायक रह चुकी हैं। कमलेश शाह गोंड राजपरिवार से आते हैं, उनके परिवार की क्षेत्र में अच्छी पकड़ मानी जाती है।
कल से नामांकन
अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए कल से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 21 जून नामंकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है, जबकि 24 जून को नामंकन पत्रों की समीक्षा होगी और 26 जून नाम वापसी की आखिरी तारीख रहेगी। 10 जुलाई को मतदान की प्रक्रिया होगी जबकि 13 जून को नतीजे आएंगे।
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