Bhopal: गर्मी का महीने अप्रैल की शुरूआत हो चुकी है। लेकिन अभी भी मौसम (MP Weather Update) लगातार बदल रहा है। जहां एक ओर अप्रैल के माह में भीषण गर्मी पड़ती है। वहीं इस महीने में बारिश हो रही है। बता दें कि वर्तमान में एक साथ 4 सिस्टम एक्टिव है, जिसके चलते मध्य प्रदेश का मौसम एकदम से बदल गया है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो 12 से 15 अप्रैल तक मौसम ऐसे ही बने रहने का अनुमान है। तेज हवा के साथ गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके बाद 13 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने लगेगा और मौसम शुष्क होने लगेगा। हालांकि 15 अप्रैल तक जबलपुर, रीवा, इंदौर, उज्जैन, भोपाल और शहडोल संभाग में बूंदाबांदी होने की संभावना है।
इन जिलों में 15 अप्रैल तक हो सकती है बारिश
एमपी मौसम विभाग (MP Weather Update) के अनुसार, 15 अप्रैल तक जबलपुर, रीवा, इंदौर, उज्जैन, भोपाल और शहडोल संभाग में बूंदाबांदी होने की संभावना है। ग्वालियर में 10 अप्रैल बादल छाने के साथ गरज चमक के साथ बारिश के आसार हैं। 15 अप्रैल तक तेज गर्मी पड़ने और 20 अप्रैल तक प्रदेश में लू के आसार कम है, अप्रैल अंत तक गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। 15 मार्च तक ट्रफ लाइन और चक्रवात का असर है, ऐसे में 15 अप्रैल के बाद ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर जाने का अनुमान है यानी एक सप्ताह तक मौसम नरम-गरम बना रहेगा, इसके बाद मौसम साफ होते ही गर्मी फिर असर दिखाएगी
अगले 24 घंटों में इन जिलों में बारिश होने की संभावना
एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में भोपाल समेत 10 जिलों में बारिश और आंधी के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने की आशंका है। रविवार को भोपाल के अलावा नर्मदापुरम संभाग, शिवपुरी, मंडला, बालाघाट, बैतूल, खंडवा, खरगोन, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिले में हल्की बारिश हो सकती है।वर्तमान में पश्चिमी राजस्थान पर चक्रवाती हवा का घेरा बना हुआ है और एक द्रोणिका मध्य महाराष्ट्र से केरल तक जा रही है, इसके असर से इंदौर में बादल छाएंगे और बूंदाबांदी होने के आसार है। राजस्थान में एक चक्रवातीय घेरा बना हुआ है, जिससे अरब सागर से नमी रही है, जिसके असर से ग्वालियर में बादल छा हुए है और बूंदाबांदी भी देखने को मिल रही है।
जानें क्या कहता है IMD का पूर्वानुमान
एमपी मौसम विभाग की मानें को वर्तमान में एक साथ चार मौसम प्रणालियां सक्रिय है। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास ट्रफ के रूप और राजस्थान के बीच में हवा के ऊपर भाग में चक्रवात सक्रिय है वहीं कर्नाटक के ऊपर भी चक्रवाती असर है, इससे तमिलनाडु तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है। इन मौसम प्राणालियों के असर से प्रदेशभर के मौसम में बदलाव दिखाई देगा।
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