छत्तीसगढ़ में होने वाले महाधिवेशन (Congress convention) को लेकर कांग्रेस की तैयारी जोरों पर है, लेकिन यह राष्ट्रीय अधिवेशन (Congress convention) होने से पहले ही इस पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस जहा इस अधिवेशन का छत्तीसगढ़ में होना सौभाग्य बता रही है। वही दूसरी तरफ भाजपा कांग्रेस के इस राष्ट्रीय महाधिवेशन को कांग्रेस द्वारा घोषणा पत्र के वादों से प्रदेश की जनता को भटकाने का तरीका बता रही।
Congress convention पर सियासत
इस मामले पर कांग्रेस का कहना है कि, छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय महाधिवेशन होना हमारे लिए गौरव की बात है। लगातार इसके लिए कांग्रेस ने तैयारियां भी शुरू कर दी है। इसको लेकर बैठक के माध्यम से सभी पार्टी के कार्यकर्ताओं विधायकों और मंत्रियों को अलग अलग जिम्मेदारी दी जायेगी, ताकि अधिवेशन की व्यवस्था में किसी तरह की कोई कमी न हो साथ ही कांग्रेस ने कहा कि, इस अधिवेशन में लगभग 12000 डेलीगेट्स शामिल होंगे।
बीजेपी ने अधिवेशन के बहाने साधा कांग्रेस पर निशाना
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के इस अधिवेशन को भारतीय जनता पार्टी अलग ही बयानबाज़ी करती नजर आ रही है। भाजपा नेता केदार कश्यप का इस पूरे मामले पर कहना है कि, इस सरकार के बाद लगातार अपराध बढ़े है और ऐसे में कांग्रेस महाधिवेशन के माध्यम से गंगाजल हाथ में लेकर किए गया वादों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। आगे भाजपा का कहना है कि, चुनावी वर्ष में कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले कितने भी अधिवेशन करा ले जनता आपको छोड़ने वाली नहीं है।
अधिवेश का छत्तीसगढ़ में होना सौभाग्य - कांग्रेस
फिलहाल कांग्रेस इस राष्ट्रीय अधिवेश का छत्तीसगढ़ में होना सौभाग्य मान रही है, लेकिन भाजपा इस महाधिवेशन को मुद्दे से भटकाने का तरीका कुल मिलाकर देखने वाली बात यह होगी कि, आखिरकार कांग्रेस की इस राष्ट्रीय अधिवेशन का कितना और कैसा असर प्रदेश कांग्रेस की समीकरण पर पड़ता है।
ये भी पढ़ें - Karnataka – भाजपा अध्यक्ष ने फिर दिया विवादित बयान, कहा कि कर्नाटक चुनाव टीपू सुल्तान बनाम सावरकर के बारे में है
Comments (0)