मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से पिछले कई महीनों से चीतों की मौत की खबर सामने आ रही है। जिसके चलते पार्क प्रबंधन पर लगातार सवाल उठाये जा रहे हैं। बता दें कि 21 जुलाई को पार्क से मादा चीता निरवा गायब हो गई। इसके बाद लगातार इसे खोजने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन अभी तक कोई भी सफलता हाथ नहीं लग पाई है। इसी बीच खबर आ रही है कि अब चीते को खोजने के लिए हाथियों का सहारा लिया जाएगा।
बारिश के कारण हुई कई परेशानियां
बीते 21 जुलाई को गायब हुए मादा चीता निरवा को खोजने को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई हैं। बता दें कि अब हाथियों की मदद से चीते को खोजा जाएगा। इसके लिए हाथियों पर बैठकर डॅाक्टरों की टीम उसे ट्रेंकुलाइज करने जंगल में उतरेगी। निरवा को खोजने में लगी टीम को पिछले कई दिनों से झमाझम बारिश के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कॉलर आई डी खराब
मिली जानकारी के मुताबिक, मादा चीता निरवा 19 जुलाई से चीता मॉनिटरिंग टीम के संपर्क से दूर हुई है। रेडियो कॉलर आई डी के खराब होने के कारण उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। जिसने पार्क प्रबंधन की चिंताए और बढ़ी दी हैं।
चीतों को फिर से बाड़े में लाया जा रहा
कूनो नेशनल पार्क में 6 चीतो की मौत के बाद अब एक बार फिर से सभी चीतो का स्वास्थ परीक्षण करने के लिए प्रबंधन बाड़े में शिफ्ट करने में जुटा है। बता दें चीतों को लेकर विशेषज्ञों की राय के बाद साउथ अफ्रीका और नामीबिया के चीतो को उनके मेडिकल चेकअप के लिए उन्हें जंगल से ट्रेंकुलाइज करते हुए फिर से बाड़े में लाया जा रहा है। खुले जंगल में घूमने बाली 15 चीतो में से अब तक 13 चीते बाड़े में शिफ्ट किए जा चुके हैं।
Read More: पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, भारतीय जनता पार्टी के कितने अंग और रंग हैं आप भी पहचानिए ?
Comments (0)