मध्य प्रदेश के शहडोल में 16 जनवरी 2025 को प्रदेश का 7वां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होने जा रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमें इसके लिए बड़े पैमाने पर निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। प्रदेश की समृद्धि और प्रदेशवासियों की उन्नति के लिये हम कोई कोर-कसर नहीं छोडेंगे। प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिये किये जा रहे प्रयासों से आशातीत सफलताएं मिली है। निवेश छोटा हो या बड़ा हमारे लिये दोनों समान है। हमारा लक्ष्य औद्योगिक विकास के साथ युवाओं को रोजगार देना साथ ही स्व-रोजगार से जोड़ना भी है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की महती भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा से शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर के उद्योगपतियों के साथ वर्चुअल संवाद करते हुए कहा कि शहडोल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में अब तक 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय उद्योगपतियों से संवाद करते हुए प्रदेश की औद्योगिक नीति एवं प्रावधानों और निवेशकों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने के लिये जो निवेशक मध्यप्रदेश में आ रहे हैं, हम उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने देंगे। प्रदेश में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां बनाई गई है। इसमें मध्यप्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। निवेशकों की सुविधा के लिये प्रत्येक जिले में 'इंवेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर' प्रारंभ किये गये हैं। कलेक्टर्स को इनका नोडल अधिकारी बनाया गया है।
मध्य प्रदेश के शहडोल में 16 जनवरी 2025 को प्रदेश का 7वां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होने जा रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमें इसके लिए बड़े पैमाने पर निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं।
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