प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात को अब भीली भाषा में भी सुना जा सकेगा। झाबुआ के शिक्षक अब तक 80 एपिसोड का भीली भाषा में अनुवाद कर चुके हैं। इसके आगे भी लगातार काम चल रहा है। दरअसल, भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा एआइ बेस्ड ट्रांसलेशन टूल तैयार किया है।
इसका उद्देश्य जनजातीय भाषा और बोलियों का संरक्षण व संवर्धन करना है। इसके जरिए जनजातीय भाषाओं में द्वि-भाषी शब्दकोश भी तैयार किया जा रहा है। वहीं नई शिक्षा नीति के अंतर्गत भीली भाषा में प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए प्राइमर भी तैयार किया जा रहा है।
इस कार्य के लिए झाबुआ जिले के 80 शिक्षक करीब आठ महीने से हिंदी भाषा के व्याकांश का भीली में अनुवाद करने में लगे हैं। उनके द्वारा प्राथमिक कक्षा की कुछ किताबों का भीली में अनुवाद किया जा चुका है। इसके अलावा पीएम मोदी के मन की बात और पूर्व के राष्ट्रपतियों के अभिभाषण का भी भीली में अनुवाद किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात को अब भीली भाषा में भी सुना जा सकेगा। झाबुआ के शिक्षक अब तक 80 एपिसोड का भीली भाषा में अनुवाद कर चुके हैं।