भारतीय रेलवे वित्त वर्ष 2026-27 में यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और हाई-टेक बनाने के लिए कई बड़े बदलाव करने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने टिकट कैंसिलेशन, रिफंड नियमों में संशोधन के साथ-साथ देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन और 12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
1. रिफंड नियमों में बदलाव: 8 घंटे पहले कैंसिल पर मिलेगा रिफंड
भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन नियमों को सख्त कर दिया है। अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर ही रिफंड मिलेगा। 24 से 8 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर 50% राशि ही वापस मिलेगी, जबकि 8 घंटे से कम समय में टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
2. काउंटर टिकट कहीं से भी कैंसिल किया जा सकेगा
अब यात्रियों को राहत देते हुए रेलवे ने काउंटर टिकट कैंसिलेशन की सुविधा बढ़ा दी है। यात्री अब देश के किसी भी रेलवे स्टेशन के काउंटर पर जाकर अपना टिकट कैंसिल कर सकेंगे और रिफंड प्राप्त कर सकेंगे।
3. चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन
यात्री अब ट्रेन के प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक डिजिटल माध्यम से अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इससे वे अगला स्टेशन चुनकर अपनी कन्फर्म सीट पर यात्रा कर पाएंगे।
4. ट्रैवल क्लास अपग्रेड की सुविधा
रेलवे जल्द ही यात्रियों को ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपनी ट्रैवल क्लास (जैसे स्लीपर से AC) अपग्रेड करने की सुविधा देने जा रहा है।
5. देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त होगी और केवल पानी की भाप उत्सर्जित करेगी। यह 10 कोच वाली दुनिया की सबसे लंबी और 2400 kW क्षमता वाली हाइड्रोजन ट्रेन होगी।
6. 12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें होंगी शुरू
यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर देने के लिए इस साल 12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी। इनमें आधुनिक सुरक्षा और बेहतरीन स्लीपर सुविधाएं होंगी।
7. 75 नए होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे
भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए 75 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर नए यात्री होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, जिससे प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को आरामदायक इंतजार की सुविधा मिलेगी।
8. रेलवे नेटवर्क 100% इलेक्ट्रिफिकेशन के करीब
भारतीय रेलवे अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क के पूर्ण इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में 99.2% नेटवर्क इलेक्ट्रिफाइड हो चुका है और जल्द ही यह 100% तक पहुंच जाएगा।